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हिमस्खलन के बाद अलास्का की कड़ाके की ठंड में 50 घंटे अकेला रहा कुत्ता, ऐसे ढूंढा
अलास्का में कुत्ते ने अकेले बिताए 50 घंटे

हिमस्खलन के बाद अलास्का की कड़ाके की ठंड में 50 घंटे अकेला रहा कुत्ता, ऐसे ढूंढा

लेखन सयाली
Oct 19, 2026
12:47 pm

क्या है खबर?

कुत्ते अपनी वफादारी और समझदारी के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, इस पालतू जानवर की सहनशक्ति और निडरता का भी सबूत कई बार मिल चुका है। इस बात को एक बार फिर लू-लू नाम के एक कुत्ते ने सच कर दिखाया है। इस कुत्ते ने अलास्का की कड़ाके की ठंड में 50 घंटे अकेले बिताए। हालांकि, ऐपल के एयरटैग की बदौलत इसे ढूंढ कर बचाया गया। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

मामला

क्या है पूरा मामला?

10 अक्टूबर, 2026 को लू-लू अनुभवी पर्वतारोहियों के साथ चुगाच स्टेट पार्क में मौजूद थी। तभी अचानक वहां एक हिमस्खलन यानि एवलांच आया और सभी लोगों को पहाड़ से लगभग 500 फीट नीचे बहा ले गया।

इस हादसे में 2 पर्वतारोहियों को गंभीर चोट आई और 4 साल की नन्हीं पूडल-हस्की नस्ल की लू-लू खो गई। हालांकि, इस कुत्ते ने हिम्मत नहीं हारी और अकेले रहने और बर्फीले वातावरण के बावजूद जीवित रही।

खोज

लू-लू की खोज में जुटे थे कई लोग

घायल पर्वतारोहियों में से एक का नाम ब्रायन था, जिनकी प्रेमिका लॉरेन पैडावर ने लू-लू को खोजने की पहल की। लॉरेन खुद खोज में शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन उन्होंने लू-लू की तलाश के लिए स्थानीय बचाव संगठनों और हाइकिंग समूहों से संपर्क किया।

अभियान में 20 से ज्यादा स्वयंसेवक शामिल हुए, जिनमें एक कुत्ता भी था। लॉरेन ने कहा, "मैं हार तभी मानना ​​चाहती थी, जब मुझे पता हो कि मैंने अपनी तरफ से सब कुछ कर लिया है।"

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ढूंढना

एयरटैग ने ढूंढने में की मदद

राहत की बात यह थी कि लू-लू की मालकिन लॉरेन ने उसके गले में ऐपल एयरटैग पहनाया था, जो ट्रैकिंग में काम आता है। एयरटैग का शुरुआती स्थान आधा मील दूर दिखा रहा था, जिसके ऊबड़-खाबड़ रास्ते ने काम को मुश्किल बना दिया था।

हवाई खोज के दौरान पायलट अमांडा बार्कर और डेव बेकेट को एक और एयरटैग का संकेत मिला। इसके बाद लॉरेन ने जगह का पता लगाने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना नक्शों से की।

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लू-लू

इन कारणों से ठंड सेह पाई लू-लू

50 घंटों बाद पायलटों को पहाड़ की ढलान पर लू-लू मिली और वे उसे सुरक्षित बचा सके। लू-लू की स्वास्थ्य जांच करवाई गई, जिससे सामने आया कि उसके पैर की एक उंगली और एक नुकीला दांत टूट गया था।

हालांकि, अब वह ठीक है और लॉरेन के घर में आराम कर रही है। लॉरेन का मानना ​​है कि लू-लू के घने बाल, बाहर सोने के शौक और पहाड़ी रास्तों पर चलने के अनुभव ने उसे ठंड सहने में मदद की।

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