डिविलियर्स का खुलासा, कोहली पहले थे घमंडी और अकड़ू फिर इस बदलाव ने बदली उनकी सोच
क्या है खबर?
क्रिकेट के 2 दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और एबी डिविलियर्स का रिश्ता मैदान के अंदर और बाहर बहुत गहरा रहा है। उनकी दोस्ती ज्यादा पक्की तब हुई जब दोनों ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए साथ खेलना शुरू किया। हालांकि, इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ी को पहली मुलाकात में भारतीय दिग्गज कोहली घमंडी और अकड़ू लगे थे। आइए जानते हैं डिविलियर्स ने कोहली को लेकर क्या कहा है?
सवाल
डिविलियर्स की कोहली को लेकर थी ये धारणा
प्रखर गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान डिविलियर्स से पूछा गया कि कोहली से पहली मुलाकात के समय उनके मन में भारतीय बल्लेबाज को लेकर क्या धारणा थी।
उनसे यह भी सवाल किया गया कि क्या उन्हें कोहली वास्तव में घमंडी और अकड़ू लगे थे।
इस पर डिविलियर्स ने सहमति जताते हुए कहा, "हां, और मुझे लगता है कि वह भी इस बात से पूरी तरह से सहमत होंगे।"
बयान
कोहली जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी नजर आते थे- डिविलियर्स
जब डिविलियर्स से पूछा गया कि उन्हें कोहली घमंडी क्यों लगे थे तो उन्होंने कहा कि इसकी वजह कोहली का खुद पर बेहद ज्यादा भरोसा होना था।
डिविलियर्स ने आगे कहा, "उनमें आत्मविश्वास का स्तर बहुत ऊंचा था और वह हमेशा इसी अंदाज में क्रिकेट खेलते आए हैं। कई बार उनके इस रवैये को गलत समझ लिया जाता है। मेरे मामले में भी ऐसा ही हुआ था। वह जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी नजर आते थे।"
समय
कोहली भी मेरी बात से सहमत होंगे- डिविलियर्स
उन्होंने आगे कहा, "कोहली को लेकर मेरी पहली धारणा यही थी। हालांकि मैं यह बात मजाकिया अंदाज में कहता हूं और मुझे लगता है कि वह भी इससे सहमत होंगे। 19, 20 और 21 साल की उम्र में वह बेहद आत्मविश्वास से भरे युवा खिलाड़ी थे। यह उनके शुरुआती दिन थे। बड़ी सफलता हासिल करने के लिए इस तरह का आत्मविश्वास भी जरूरी है। आपको क्षमताओं पर पूरा भरोसा होना चाहिए। समय के साथ आप इसको संभालना सीख जाते हैं।"
खत्म
इस कारण बदल गए कोहली
डिविलियर्स ने बताया कि सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के साथ ही कोहली के स्वभाव में बदलाव आया और उनका घमंड खत्म हो गया।
उन्होंने कहा, "उम्र बढ़ने के साथ और एक इंसान तथा क्रिकेटर के तौर पर अधिक संतुलित होने के बाद उनका यह रवैया खत्म हो गया। मुझे लगता है कि युवा दिनों में उन्हें खुद को साबित करना था, लेकिन समय के साथ यह भावना कम होती गई। उनका जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास वाला अंदाज भी बदल गया।"