Loading...
दशहरे बाद संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक होगा पारित
दशहरे बाद संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी

दशहरे बाद संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक होगा पारित

लेखन गजेंद्र
Oct 16, 2026
11:31 am

क्या है खबर?

देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विरोध के बीच केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार दशहरे के बाद इस महीने के अंत तक महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी। NDTV के मुताबिक, सरकार सदन में बहुमत को लेकर आश्वस्त प्रतीत होती है और संभवतः एक विशेष सत्र बुलाएगी।

सत्र

17 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान लगा था झटका

केंद्र सरकार ने यह कदम तब उठाया है, जब 17 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक गिर गए थे।

लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष की एकता की वजह से विधेयक आवश्यक 2 तिहाई बहुमत जुटाने में विफल रहा था, जिसके बाद इसे पारित होने से रोक दिया गया था।

अब 5 महीने की कोशिश के बाद सरकार आश्वस्त है कि उसने आवश्यक बहुमत जुटा लिया है और वह इसे पारित करवा सकती है।

विधेयक

DMK से बात कर रही है सरकार

NDTV के मुताबिक, केंद्र ने आवश्यक बहुमत जुटाने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं।

तमिलनाडु चुनावों के बाद INDIA गठबंधन से अलग हुई एमके स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के विधेयकों के समर्थन के लिए उनसे बातचीत चल रही है। इस पार्टी के 22 सांसद हैं।

DMK अभी तक परिसीमन की सबसे मुखर विरोधी थी, जो विधानसभा चुनाव हारने के बाद परिसीमन पर मन बदलते दिख रही है।

सरकार कुछ छोटी पार्टियों के भी संपर्क में है।

ADVERTISEMENT

तारीख

एक सप्ताह पहले दी जाएगी सूचना

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था, जिसे अभी तक स्थगित नहीं किया गया है। ऐसे में विशेष सत्र बुलाने की संभावना प्रबल है।।

विशेष सत्र की तिथियां 12वें BRICS संसदीय मंच को ध्यान में रखते हुए तय की जाएंगी। यह 26-27 अक्टूबर को 'संविधान सदन' (संसद भवन) में होगा।

अभी तक सांसदों को विशेष सत्र की कोई सूचना नहीं दी गई है। विशेष बैठक बुलाए जाने से एक सप्ताह पहले सूचना दी जा सकती है।

ADVERTISEMENT

बहुमत

क्या सरकार ने जोड़ लिए सांसद?

संविधान संशोधन के लिए संसद में 2 तिहाई यानी 360 सीटों की आवश्यकता है, जो अभी तक सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास नहीं है।

अभी लोकसभा में 540 सदस्य हैं। NDA के पास लगभग 319 और विपक्षी INDIA गठबंधन के पास 189 सांसद हैं।

NDA के पाले में पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस के 20, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के 6 आए हैं। गठबंधन को शरद पवार के 8 और DMK के 22 सांसदों के समर्थन की भी उम्मीद है।

ADVERTISEMENT