Loading...
CEC की नियुक्ति से जुड़े कानून का समर्थन करने पर जगह मोहन रेड्डी ने जताया अफसोस
जगह मोहन रेड्डी ने कहा कि CEC की नियुक्ति से जुड़े कानून का समर्थन कर पार्टी ने गलती की

CEC की नियुक्ति से जुड़े कानून का समर्थन करने पर जगह मोहन रेड्डी ने जताया अफसोस

लेखन आबिद खान
Oct 18, 2026
04:45 pm

क्या है खबर?

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति से जुड़े कानून का समर्थन करना उनकी भूल थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना ​​है कि चुनाव आयोग की नियुक्तियां एक निष्पक्ष तंत्र के माध्यम से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "चाहे चुनाव आयुक्त हो या मुख्य चुनाव आयुक्त, ऐसी स्थिति कभी नहीं आनी चाहिए जहां उन्हें सत्ताधारी पार्टी द्वारा नामित किया जाए।"

बयान

रेड्डी बोले- छात्र अपने ही परीक्षक की नियुक्ति कैसे कर सकता है?

रेड्डी ने कहा, "उस समय YSRCP ने इसका समर्थन किया था, जिसके तहत केंद्र में सत्ताधारी पार्टी सदस्यों को मनोनीत करती है। आज हमें इसका पछतावा है। हमें इसका समर्थन करने का खेद है और हम स्वीकार करते हैं कि हमने गलती की। छात्र द्वारा परीक्षक की नियुक्ति नहीं की जा सकती, भले वो कितना ही ईमानदार क्यों न हो। अगर नियुक्ति किसी निष्पक्ष निकाय द्वारा नहीं की जाती है तो उसे निश्चित रूप से आलोचना का सामना करना पड़ेगा।"

कानून

लोकतंत्र में संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास होना जरूरी- रेड्डी

रेड्डी ने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास होना जरूरी है और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सत्ताधारी पार्टी का एकाधिकार नहीं होना चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाना चाहिए।

रेड्डी के बयान को भाजपा के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

ADVERTISEMENT