राहुल गांधी ने कहा- मोदी-शाह और ज्ञानेश के खिलाफ शिकंजा कस रहा है
क्या है खबर?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं दिल्ली के 5 सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर चाय पर बुलाया था, जिसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल समेत सभी अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं, सिविल सोसाइटी और छात्र संगठन के नेता ने भी अपनी बात रखी। राहुल ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के लिए जनता का धन्यवाद दिया और कहा कि उनका मिशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली तक जारी रहेगा।
बयान
मोदी-शाह और ज्ञानेश पर शिकंजा कस रहा है- राहुल
राहुल ने कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है, जो लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का मंच है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस फैसले को चुनौती देगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ये किया है, उसके मुख्य सूत्रधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, अमित शाह इसे लागू करते हैं, और ज्ञानेश कुमार व अन्य इसमें शामिल हैं।
राहुल ने कहा कि उन्हें समझना होगा कि उनपर शिकंजा कस रहा है, वे संविधान को खत्म करके बच नहीं सकते।
साथ
हम सब एकसाथ खड़े हैं- राहुल
राहुल ने आगे कहा, "हम सब एक साथ खड़े हैं। कोई समानांतर विरोध-प्रदर्शन नहीं हैं। एक ही प्रदर्शन है। हमारा मिशन भारत में लोकतंत्र को बहाल करना है। लोकतंत्र नष्ट हो चुका है। चुनाव रद्द हो चुके हैं। हम देश में वास्तविक लोकतांत्रिक शासन बहाल करने के लिए लड़ रहे हैं।"
राहुल ने कहा कि जनता से हमारा वादा है कि मोदी, शाह, ज्ञानेश कुमार और अन्य सहित जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
बयान
सुप्रिया सुले और समाजवादी पार्टी ने एकजुटता की बात कही
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए INDIA गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वाले 'वोट चोरों' के खिलाफ हम सभी आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) सांसद संजय राउत ने ज्ञानेश कुमार को सिस्टम का अपराधीकरण करने वाला माफिया बताया।
बयान
लोकतंत्र को बचाने के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हूं- तेजस्वी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए सामूहिक बलिदान देने को तैयार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन का स्थान जंतर-मंतर से रामलीला मैदान में इसलिए स्थानांतरित किया गया क्योंकि सरकार प्रदर्शनकारियों से डरती है, ये लोग बच नहीं पाएंगे।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवा एमए बेबी ने कहा कि जिस व्यक्ति पर निष्पक्ष रहने की जिम्मेदारी थी, वह ज्ञानेश कुमार सत्तारूढ़ पार्टी की टीम में जुड़ गया।
रणनीति
क्या है INDIA गठबंधन की आगे की रणनीति?
पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि उनकी आगे की रणनीति क्या है, इस पर राहुल ने कहा कि वह लगातार सरकार को चुनौती देते रहेंगे, लेकिन कोई रणनीति तय नहीं की है।
सुप्रीम कोर्ट को लेकर राहुल ने कहा, "हम भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और भारत की न्याय व्यवस्था का बहुत सम्मान करते हैं। उनकी अपनी भूमिका है। हमें उम्मीद है कि वे अपनी वह भूमिका निभाएंगे।"
उन्होंने कहा कि हम रुकने वाले नहीं हैं।
ट्विटर पोस्ट
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
LIVE: Special Media Byte | INDIA Leaders | New Delhi https://t.co/BM9cBw3WHH
— Congress (@INCIndia) October 13, 2026
बैठक
किसान और मजदूर भी आंदोलन से जुड़ेंगे
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण भी गठबंधन की बैठक में शामिल थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदर्शन करना जनता का संवैधानिक अधिकार है, जिसे करने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद, सिविल सोसाइटी के बाद अब किसान और मजदूर संगठन भी इस लड़ाई में शामिल होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र नेता नेहा बोरा ने कहा कि भाजपा ने संविधान के लिए लड़ाई नहीं लड़ी, इसलिए वे इसे कुचल रहे हैं।