ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले बुजुर्गों में बढ़ रहा है अकेलापन, नए अध्ययन का खुलासा
क्या है खबर?
आज के दौर में हर कोई सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रहा है, फिर चाहे वह युवा हो या बुजुर्ग। आम तौर पर लोग मानते हैं कि सोशल मीडिया बुजुर्गों के लिए समय काटने और अपनों से जुड़े रहने का अच्छा जरिया है। हालांकि, अब इसकी वजह से उनकी मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। दरअसल, दक्षिण कोरिया के एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रीय रहने वाले बुजुर्ग अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं।
अध्ययन
30,000 से ज्यादा लोगों पर किया गया अध्ययन
सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के निवारक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर मिन क्युंग-बोक की अगुवाई वाली रिसर्च टीम ने इस अध्ययन को पूरा किया है।
इस टीम ने '2024 सियोल सर्वे' में शामिल 20 साल और उससे ज्यादा उम्र के सियोल के 34,142 नागरिकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के तरीकों और अकेलेपन के बीच संबंध का विश्लेषण किया।
इसके नतीजे 'कोरियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित हुए थे।
विवरण
दूसरों से तुलना करना भी बढ़ाता है परेशानी
इस अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग सोशल मीडिया पर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को सक्रिय रूप से साझा करते हैं वे ज्यादा अकेलापन महसूस करते हैं।
साथ ही जो अन्य लोगों की पोस्ट आदि देखकर उन्हें खुद से ज्यादा खुश समझते हैं, यानि उनसे अपनी तुलना करने लगते हैं, उनमें भी अकेलेपन के संकेत बढ़ जाते हैं।
यह ज्यादातर 60 से ज्यादा उम्र वाले लोगों में देखा जाता है।
नतीजे
क्या रहे अध्ययन के नतीजे?
अध्ययन के दौरान सोशल मीडिया से जुड़े 5 व्यवहारों की जांच की गई थी। इनमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी साझा करना, ऑफलाइन बातचीत के बजाय ऑनलाइन बातचीत को प्राथमिकता देना, तुलना और अलग-थलग महसूस करना शामिल हैं।
60 की उम्र में सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने वालों की तुलना में इसे चलाने वालों के अकेलेपन की संभावना 1.83 गुना ज्यादा पाई गई थी। 20-59 की उम्र वालों में यह अनुपात 1.04 था।
कारण
क्या हैं अकेलेपन के कारण?
आमतौर पर बुजुर्गों में अकेलापन महसूस करने की संभावना ज्यादा थी। 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के 33.5 प्रतिशत लोगों ने इस बात को सही माना, जबकि 20-29 साल की उम्र के लोगों में यह आंकड़ा 22.85 प्रतिशत था।
अध्ययन के अनुसार, सोशल मीडिया के कुछ व्यवहारों का अकेलेपन से अन्य की तुलना में ज्यादा गहरा संबंध पाया गया। इसके पीछे सामाजिक तुलना, कुछ छूट जाने का डर और ऑफलाइन बातचीत की जगह लेना जैसे कारण हो सकते हैं।