ठंड के मौसम में गर्भवती महिलाएं रखें इन 5 बातों का खास ध्यान, होगा फायदा
क्या है खबर?
ठंड का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए कई चुनौतियां ला सकता है। इस दौरान उन्हें न केवल अपनी सेहत का ख्याल रखना होता है, बल्कि अपने होने वाले बच्चे की भी देखभाल करनी होती है। ठंड में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इनसे बचाव करना जरूरी है। इसके अलावा ठंड के कारण त्वचा और बालों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि ठंड के मौसम में गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए।
#1
गर्म कपड़े पहनें
ठंड के मौसम में गर्भवती महिलाओं के लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। ऊनी साड़ी, सूती सलवार-कमीज या फिर गर्म सूट पहनें।
इसके अलावा सिर, कान, हाथ और पैरों को भी ठंड से बचाना चाहिए क्योंकि ये शरीर के वो हिस्से हैं, जो सबसे पहले ठंड का शिकार बनते हैं। आप चाहें तो गर्म कपड़ों के साथ मफलर, टोपी और दस्ताने भी पहन सकती हैं। साथ ही ऊनी मोजे पहनना न भूलें।
#2
पोषण से भरपूर आहार लें
गर्भवती महिलाओं को इस मौसम में पोषण से भरपूर आहार लेना चाहिए। इसके लिए वे अपनी खाने की सूची में ताजे फल, सब्जियां, सूखे मेवे और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इससे न केवल उनकी सेहत बेहतर रहेगी, बल्कि उनका होने वाला बच्चा भी स्वस्थ रहेगा।
इसके अलावा वे रोजाना एक गिलास गाजर का रस या चुकंदर का रस भी पी सकती हैं।
#3
हाथों और पैरों को नमी दें
ठंड के मौसम में हाथ और पैर रूखे और बेजान हो सकते हैं, इसलिए इन्हें नमी देना जरूरी है।
इसके लिए आप नारियल के तेल या फिर जैतून का तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि ये प्राकृतिक तेल त्वचा को पोषण देने के साथ नमी भी प्रदान करते हैं।
दिन में 2 बार इनका इस्तेमाल करने से त्वचा कोमल और मुलायम बनी रहती है। हालांकि, ध्यान रखें कि ये तेल शुद्ध और बिना किसी मिलावट वाले हों।
#4
गर्म पानी की बोतल का करें इस्तेमाल
ठंड के मौसम में गर्भवती महिलाओं को अक्सर पीठ और पेट में दर्द हो सकता है। इससे राहत पाने के लिए गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल करें। इससे दर्द वाले हिस्से पर सीधा दबाव पड़ता है, जिससे दर्द कम होता है।
इसके अलावा गर्म पानी की बोतल से शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है, जो ठंड से बचाव में मददगार है। हालांकि, ध्यान रखें कि गर्म पानी की बोतल अधिक गर्म न हो।
#5
डॉक्टर से संपर्क करें
अगर गर्भवती महिलाओं को ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम या संक्रमण हो जाता है तो उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इससे वे सही समय पर इलाज करवा सकेंगी और उनके होने वाले बच्चे को कोई खतरा नहीं होगा।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए ताकि उनकी और उनके होने वाले बच्चे की सेहत पर नजर रखी जा सके।