मेघालय: शिलांग की यात्रा के दौरान इन व्यंजनों का जरूर लें स्वाद, आएगा आनंद
क्या है खबर?
मेघालय की राजधानी शिलांग को पहाड़ों की राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। यह उत्तर-पूर्वी भारत में स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। शिलांग एक पर्यटक स्थल है, जहां हर साल हजारों लोग आते हैं। यहां की ठंडी जलवायु और हरे-भरे पहाड़ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा शिलांग अपने लजीज खाने के लिए भी जाना जाता है। आइए आज यहां के पारंपरिक व्यंजनों के बारे में जानते हैं।
#1
मोमो
शिलांग में मोमो एक बहुत ही लोकप्रिय स्नैक है। इसे तंदूर या भाप में पकाया जाता है और इसे सब्जियों, पनीर या सोया से भरा जाता है।
मोमो को खासतौर पर तीखी चटनी के साथ परोसा जाता है, जो इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है। शिलांग के कई खाने-पीने की जगहों पर आपको यह आसानी से मिल जाएगा।
यहां के मोमो का स्वाद इतना लाजवाब है कि एक बार खाने के बाद आप इसे बार-बार खाना चाहेंगे।
#2
आलू मुरी
अगर आपको भेल पूरी पसंद है तो आपको शिलांग की आलू मुरी का स्वाद जरूर पसंद आएगा। यह एक तरह का स्नैक है, जिसमें मुरी यानि मुरमुरे को उबले हुए आलू के साथ मिलाया जाता है।
इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए इसमें धनिया, प्याज, सरसों का तेल और शिलांग के स्थानीय मसाले भी डाले जाते हैं। इस स्नैक का स्वाद चटपटा, तीखा, कुरकुरा और ताजगी देने वाला होता है।
#3
पुखलें
पुखलें एक चावल के आटे और गुड़ के घोल से बना मीठा व्यंजन होता है, जो शिलांग में पारंपरिक रूप से बनाया जाता है। यह डीप-फ्राई किया जाने वाला एक पारंपरिक स्नैक है।
यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम और चबाने में मजेदार होता है। साथ ही इसमें कैरेमल जैसा स्वाद भी आता है, जो इसे खाने के मजे को दोगुना कर देता है।
अगर आपको मीठा पसंद है तो इसका स्वाद चखना तो बनता ही है।
#4
पुमलोई
पुमलोई चावल के आटे से बना खासी समुदाय का एक पारंपरिक स्टीम्ड व्यंजन है। इसमें मोटे पिसे हुए चावल को 'खिव स्पैट' नाम के एक खास मिट्टी के बर्तन में बिना किसी तेल या वसा के पकाया जाता है।
इसकी बनावट हल्की, फूली हुई और छूने पर टूटने वाली होती है। इसे आम तौर पर त्योहारों और उत्सवों के दौरान या स्थानीय शाकाहारी सब्जियों के साथ नाश्ते में गर्मा-गर्म खाया जाता है।