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जिन देशों में रहती हैं ज्यादा बिल्लियां, वहां के लोग भी रहते हैं ज्यादा खुशहाल- अध्ययन
बिल्लियों वाले देश होते हैं ज्यादा खुशहाल

जिन देशों में रहती हैं ज्यादा बिल्लियां, वहां के लोग भी रहते हैं ज्यादा खुशहाल- अध्ययन

लेखन सयाली
Oct 06, 2026
10:30 am

क्या है खबर?

बिल्लियां ऐसी पालतू जानवर होती हैं, जिनके आने से घर खुशियों से भर जाता है। यह बात वैज्ञानिकों ने भी मान ली है कि जिन देशों में ज्यादा बिल्लियां हों, वहां खुशहाली फैली रहती है। नए अध्ययन के जरिए यह खुलासा हुआ है कि जिन देशों में बिल्लियों की संख्या ज्यादा है, वहां के लोग ज्यादा खुश रहते हैं। अगर आप अपने जीवन से परेशानी दूर करके खुश रहना चाहते हैं तो अपने घर एक प्यारी-सी बिल्ली लाने की सोचें।

अध्ययन

93 देशों से जुटाया गया था डाटा

इस अध्ययन को 'PLOS वन' नाम की पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इसके लिए शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने 93 देशों के उपलब्ध डाटा का विश्लेषण किया।

उन्होंने खुशी के अंक, पालतू बिल्लियों की संख्या और 'टॉक्सोप्लाज्मा गोंडी' के संक्रमण की दर के बीच संबंध की जांच की थी। यह एक किस्म का पैरासाइट है, जो हर 3 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करता है और बिल्लियां इसकी मुख्य होस्ट होती हैं।

नतीजे

क्या रहे अध्ययन के नतीजे?

अध्ययन के लेखकों ने प्रेस रिलीज में कहा, "हमने पाया कि जिन देशों में ज्यादा बिल्लियां थीं, वहां के लोगों ने ज्यादा खुशी महसूस की। जबकि जिन देशों में लोग टॉक्सोप्लाज्मा गोंडी के ज्यादा संपर्क में आए, वहां खुशी का स्तर कम पाया गया।"

वैसे तो टॉक्सोप्लाज्मा गोंडी ज्यादातर लोगों के लिए आम तौर पर नुकसानदायक नहीं है और इसके कोई लक्षण भी नहीं दिखते। हालांकि, कमजोर प्रतिरक्षा वालों में यह चिंता, अवसाद और स्किजोफ्रेनिया जैसी परेशानियां ला सकता है।

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असर

ज्यादा बिल्लियां होने से कम होता है पैरासाइट का खतरा

अध्ययन में सामने आया कि चीन में ज्यादातर देशों की तुलना में बिल्लियों की संख्या कम होने के बावजूद वहां का खुशहाली के अंक ज्यादा थे।

हैरान करने वाली बात यह थी कि जिन देशों में बिल्लियां ज्यादा थीं, वहां लोगों में टॉक्सोप्लाज्मा गोंडी के संपर्क में आने का स्तर आम तौर पर कम था।

इससे साफ होता है कि इंसानों में इस पैरासाइट का संक्रमण सिर्फ बिल्लियों से ही नहीं फैलता।

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अमीर देश

अमीर देशों में ज्यादा होता है खुशी का स्तर

खुशहाली के स्तर पर अमीरी का भी असर देखने को मिला। अध्ययन के मुताबिक, अमीर देशों में बिल्लियां घरों में रहती हैं, पशु चिकित्सकों से उनका बेहतर इलाज होता है, अच्छा खाना खाती हैं और ज्यादा खुश रहती हैं।

इसका सीधा असर उनके परिवार पर भी होता है, क्योंकि खुशहाल बिल्लियां परिवार वालों को भी खुशी देती हैं। अब यह कहना सही है कि बिल्ली के साथ रहने से संतुष्टि और खुशी में बढ़ोतरी होती है।

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