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युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में हुआ खुलासा
युवाओं में कैंसर के मामले बढ़ना

युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में हुआ खुलासा

लेखन सयाली
Oct 06, 2026
01:18 pm

क्या है खबर?

कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, जिसमें सामान्य कोशिकाएं बेकाबू होकर बढ़ती हैं और असामान्य गांठें बनाती हैं। इससे जुड़े कई अध्ययन सालों से किए जाते आए हैं। इसी कड़ी में अब एक नए अध्ययन से सामने आया है कि युवाओं में इसके मामले ज्यादा तेजी से बढ़ने लगे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया है कि इंग्लैंड में 50 साल से कम उम्र के लोगों में 7 तरह के कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।

अध्ययन

इन देशों से जमा किया गया डेटा

इस अध्ययन के लिए 'विश्व कैंसर अनुसंधान निधि' के जरिए इंग्लैंड, अमेरिका और नीदरलैंड से जुटाए डेटा का विश्लेषण किया गया। नतीजों में सामने आया कि इंग्लैंड में 7, अमेरिका में 5 और नीदरलैंड में 4 तरह के कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी गई।

वैसे तो सभी उम्र के लोगों में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन कम उम्र में होने वाले कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी की दर दूसरी उम्र के लोगों की तुलना में ज्यादा है।

कारण

क्यों बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले?

इंग्लैंड में 50 साल से कम उम्र के लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर के मामले 2001 में प्रति 1,00,000 लोगों पर 3.9 से बढ़कर 2023 में प्रति 1,00,000 लोगों पर 8.4 हो गए हैं।

शोधकर्ता इसे दुनिया भर में मोटापे की समस्या, खराब खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी के साथ-साथ कैंसर के बारे में बढ़ती जागरूकता और बीमारी का जल्दी पता चलने का नतीजा मानते हैं।

उनके मुताबिक यह एक बड़ी समस्या है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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आंकड़े

क्या कहते हैं आंकड़े?

अमेरिका में युवाओं में किडनी के कैंसर के मामले साल 2000 में प्रति 1,00,000 लोगों पर 2.5 से बढ़कर 2023 में 5.3 हो गए हैं। वहीं, कोलोरेक्टल, गर्भाशय और अग्न्याशय के कैंसर में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई है।

नीदरलैंड में भी कोलोरेक्टल, किडनी, लीवर और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में इसी तरह की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विश्व कैंसर अनुसंधान निधि में रिसर्च की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ जियोटा मिट्रो ने इसको चिंताजनक बताया।

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गंभीरता

कैंसर पर ज्यादा शोध और अनुसंधान की है जरूरत

मिट्रो ने इसके संबंध में कहा, "वैसे तो कैंसर अभी भी ज्यादातर उम्रदराज लोगों में ही होता है, लेकिन युवा पीढ़ियों में बदलते पैटर्न को कैंसर की रोकथाम और रिसर्च के लिहाज से एक गंभीर प्राथमिकता के तौर पर देखा जाना चाहिए।"

इस बदलाव के कारण बढ़ते मोटापे, खराब खान-पान, कम एक्सरसाइज, शराब पीने, धूम्रपान और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं जैसे जोखिम वाले कारक हो सकते हैं।

लगभग 40 प्रतिशत कैंसर इनके कारण ही होते हैं।

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