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कक्षा में फोन पर रोक से सीखने की प्रक्रिया और छात्रों की भागीदारी में सुधार- अध्ययन
कक्षा में फोन पर रोक से सीखने की प्रक्रिया में सुधार (तस्वीर: पिक्सेल)

कक्षा में फोन पर रोक से सीखने की प्रक्रिया और छात्रों की भागीदारी में सुधार- अध्ययन

लेखन सयाली
Oct 12, 2026
09:13 pm

क्या है खबर?

जब से फोन का अविष्कार हुआ है, बच्चों की पढ़ाई पर बहुत असर पड़ा है। इसी बीच भारत में एक खास प्रयोग किया गया, जिससे सामने आया कि कक्षा में फोन बैन करने से सीखने की प्रक्रिया और छात्रों की भागीदारी में सुधार होता है। यह प्रयोग ऐसे समय पर आया है, जब कॉलेज समेत स्कूल के बच्चों के हाथों में भी हर वक्त मोबाइल रहता है। आइए इस प्रयोग के बारे में विस्तार से जानते हैं।

प्रयोग

ओडिशा में हुआ यह अध्ययन

यह प्रयोग ओडिशा में किया गया, जिसमें 17,000 छात्र शामिल हुए। इसमें एक सेमेस्टर के दौरान, 10 उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों को 2 समूहों में बांटा गया।

एक समूह को हर कक्षा की शुरुआत में अपने फोन एक बॉक्स में रखना था और दूसरे समूह को सामान्य रूप से रहना था। बिना फोन वाली कक्षा में ग्रेड 0.086 स्टैंडर्ड डेविएशन तक बेहतर हुए।

फायदा मुख्य रूप से कमजोर प्रदर्शन करने वाले, पहले साल के छात्रों को हुआ।

असर

क्या रहे इस प्रयोग के नतीजे?

प्रयोग करने वालों ने कक्षाओं का दौरा भी किया। जिन कक्षाओं में फोन बैन थे, वहां कम बातचीत, कम गड़बड़ करने वाले व्यवहार और फोन का कम इस्तेमाल देखा गया।

इन कक्षाओं में शिक्षक भी ज्यादा ध्यान से पढ़ाते हुए दिखे। छात्रों की भलाई, प्रेरणा, डिजिटल इस्तेमाल या ऑनलाइन उत्पीड़न में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।

हालांकि, छात्रों ने 'कुछ छूट जाने के डर' (FOMO) में थोड़ी बढ़ोतरी महसूस की।

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कॉलेज

कॉलेज के छात्र ही बने इस प्रयोग का हिस्सा

यह प्रयोग कॉलेज के छात्रों पर किया गया था, लेकिन इसे सीधे स्कूली छात्रों पर लागू नहीं किया जा सकता। जब इस प्रयोग का ऐलान किया गया था, तब इसकी विशेषज्ञों से समीक्षा नहीं हुई थी।

यह प्रयोग ऐसे वक्त पर हुआ है, जब दुनिया भर में छात्रों के मोबाइल इस्तेमाल को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच देखना यह होगा कि यह प्रयोग किसी बड़े निर्णय में बदलता है या नहीं।

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सुझाव

छात्र ऐसे कम कर सकते हैं मोबाइल का इस्तेमाल

छात्रों को मोबाइल का इस्तेमाल कम करने के लिए कुछ अहम कदम उठाने चाहिए। वे गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद करके, ऐप्स के इस्तेमाल के लिए रोजाना सख्त समय-सीमा तय करके और पढ़ाई की जगहों से फोन दूर रखकर यह कर सकते हैं।

इसके अलावा सवालों के हल ढूंढने के लिए उन्हें मोबाइल के बजाय किताबों का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि उनका ज्ञान भी ज्यादा बढ़े।

कॉलेज में फोन को बैग में रखना भी अहम है।

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