सोनम वांगचुक CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के, दी आमरण अनशन और पैदल मार्च की चेतावनी
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन दबाने के लिए की गई व्यापक गिरफ्तारियों पर लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने देश के हालातों की तुलना अघोषित आपातकाल से करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार (11 अक्टूबर) तक रिहा नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन या पैदल मार्च के लिए मजबूर होंगे।
बयान
वांगचुक ने क्या दिया बयान?
वांगचुक ने एक्स पर लिखा, 'भारत में अघोषित आपातकाल की स्थिति... कल जब मैंने विरोध प्रदर्शन में एकता और शांति की अपील करते हुए संदेश पोस्ट किया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक अघोषित आपातकाल के साए में होगा।'
उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी थी कि इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए इतने सारे नेता मौजूद थे, लेकिन अब मुझे पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।'
जानकारी
वांगचुक ने दी सीधी चेतावनी
वांगचुक ने लिखा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि गिरफ्तार लोगों को जल्द ही रिहा किया जाएगा। उन्हें कल तक रिहा नहीं किया गया, तो मैं आमरण अनशन या पैदल मार्च शुरू करने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।'
सवाल
क्यों सुलग रही है दिल्ली?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन निरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर योग्य नागरिकों और युवाओं के नाम हटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शनिवार सुबह जैसे ही CJP कार्यकर्ता जंतर-मंतर की तरफ बढ़े, दिल्ली पुलिस ने भारी बल प्रयोग करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके सहित कई बड़े विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सरकार पर लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को कुचलने का आरोप लगाया है।
कारण
वांगचुक खुद इस प्रदर्शन में क्यों नहीं हुए शामिल?
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे इस आंदोलन का वैचारिक समर्थन करते हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग पर चलने की अपील की है।
वे वर्तमान में ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में आने वाली कड़ाके की सर्दियों से निपटने की तैयारियों में जुटे हैं।
वह पानी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कृत्रिम ग्लेशियरों के निर्माण और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड्स से पैदा होने वाले खतरों को रोकने के वैज्ञानिक प्रयोगों में व्यस्त हैं।