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राहुल गांधी प्रदर्शन पीड़ितों को सामने लाए, महिला बोली- चेहरा नोचा और गला दबाया
राहुल गांधी ने दिल्ली प्रदर्शन पीड़ितों के साथ प्रेस वार्ता की

राहुल गांधी प्रदर्शन पीड़ितों को सामने लाए, महिला बोली- चेहरा नोचा और गला दबाया

लेखन आबिद खान
Oct 14, 2026
01:46 pm

क्या है खबर?

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर छिड़े विवाद के बीच राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान वे दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिसिया बर्बरता का शिकार हुए पीड़ितों को मीडिया के सामने लाए। एक पीड़ित ने कहा, "एक पुलिसकर्मी ने मुझसे कहा कि मेरी वजह से उनकी नींद खराब हो रही है। उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और बोला कि तुम पैसे लेकर प्रदर्शन में आते हो।"

बयान

प्रदर्शनकारी बोला- पुलिस भाजपा-RSS की सुन रही

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "11 अक्टूबर को पुलिस ने मुझे बर्बरतापूर्वक हिरासत में लिया। मुझे RSS और भाजपा के गुंडों के कहने पर हिरासत में लिया गया। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की चिंता नहीं है, वे भाजपा और RSS की सुन रहे हैं। मुझे डंडों से पीटा गया।"

इस प्रदर्शनकारी ने कहा कि वो पुलिस के डंडों के जवाब में खुद का डंडा लाया है। फिर उसने बांसुरी बजाते हुए कहा कि मैं नफरत का जवाब मोहब्बत से दूंगा।

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पीड़िता बोली- महिला पुलिसकर्मी ने बाल खींचे, गला दबाया

एक पीड़िता ने कहा, "हमें 3 बसों में हिरासत में लिया गया। हमारी बस में महिला कॉन्स्टेबल भी थी। हम कोशिश कर रहे थे कि बस से उतरकर फिर प्रदर्शन में जाए। लेकिन कॉन्स्टेबल ने मेरा गला जोर से दबाया और मैं पीछे जाकर गिर गई। उसने मुझे नाखून से नोंचा। मैंने झड़का तो उसने मुझे जोर से थप्पड़ मारा। उसने मेरे बाल पकड़ लिए। मैं नीचे गिर गई और वो मेरे ऊपर आ गई।"

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चोट

पुलिसकर्मी ने निजी अंगों पर मारी चोट- महिला

पीड़िता ने आगे कहा, "मेरी एक साथी को निजी अंगों पर चोट मारी गई। मुझे भी पीछे से चोट मारी गई। उन्होंने मुझसे कहा कि अब तुम्हारे नेता कहां गए हैं, कोई तुम्हें बचाने नहीं आएगा। बोले कि कोई FIR भी दर्ज नहीं करेगा।"

केरलम के एक अन्य छात्र ने कहा, "मेरे साथ बस में कई नाबालिग भी थे। उनके घर पर नहीं बताया गया। वे रास्ते भर तक धमका रहे थे।"s

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राहुल का बयान

राहुल बोले- किसी को बख्शेंगे नहीं

राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इन्हें देख ले। ये भारत है। इनमें कोई हिंदू मुसलमान, कोई महिला पुरुष, कोई जात पात कुछ नहीं है। ये भारत है और आप इसके सामने खड़े हो। मैं दिल्ली पुलिस वालों से भी कहना चाहता हूं कि वे इन पर हाथ न उठाएं। वक्त आने पर ज्ञानेश से लेकर सबका हिसाब होगा। प्रदर्शनकारी बस हर घटना का वीडियो बनाकर रखे ताकि आगे काम आए।"

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