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गर्भवती महिला पत्रकार ने राहुल गांधी पर लगाया धक्का देने का आरोप, कांग्रेस ने नकारा
विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान गर्भवती महिला पत्रकार ने राहुल गांधी पर लगाया धक्का देने का आरोप

गर्भवती महिला पत्रकार ने राहुल गांधी पर लगाया धक्का देने का आरोप, कांग्रेस ने नकारा

Oct 13, 2026
01:03 pm

क्या है खबर?

विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित मार्च के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। न्यूज वेबसाइट वनइंडिया की 3 महीने की गर्भवती महिला पत्रकार ऋचा पाराशर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर धक्का देने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। चोटिल पाराशर अभी दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे भाजपा की साजिश बताया है।

आरोप

पाराशर ने क्या लगाया आरोप?

अस्पताल में उपचाराधीन पाराशर ने NDTV से कहा, "मैंने बस बयान लेने की कोशिश की थी, तभी राहुल ने मेरा हाथ आक्रामक रूप से पकड़ा और खींचा। उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी मुझे और कैमरामैन को धक्का दिया। इससे मैं सीढ़ियों पर गिर गई, मेरे घुटने और पेट जमीन से टकराए। मेरा माइक हाथ में नहीं था, लेकिन मेरे कॉलर पर था। मेरे गले, कंधे, घुटने और पैर में बहुत तेज दर्द है। यह 'मॉब लिंचिंग' जैसा महसूस हो रहा था।"

ट्विटर पोस्ट

यहां सुने पत्रकार ऋचा पाराशर का पूरा बयान

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खारिज

कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज

मामले में कांग्रेस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मार्च के दौरान ऐसी कोई भी घटना नहीं हुई थी।

पार्टी ने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों और विपक्षी एकजुटता को बदनाम करने के लिए भाजपा इस कहानी को हवा दे रही है।

कांग्रेस की सोशल मीडिया विंग ने कहा कि वीडियो फुटेज में भीड़भाड़ के कारण धक्का-मुक्की जरूर दिख रही है, लेकिन राहुल गांधी द्वारा व्यक्तिगत रूप से किसी को निशाना बनाने या खींचने का सबूत नहीं है।

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ट्विटर पोस्ट

यहां देखें घटना का वीडियो

निशाना

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

इस घटना पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने लिखा, 'राहुल गांधी, जो पितृसत्ता को ध्वस्त करने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने मैदान पर एक गुंडे की तरह व्यवहार किया।'

उन्होंने आगे लिखा, 'दुख की बात यह है कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी महिला पत्रकार पर लांछन लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस देश की महिलाओं को कांग्रेस का असली चेहरा और प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' के नारे की असलियत देखनी चाहिए।'

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