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दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी, कहा- विरोध-प्रदर्शन के कारण प्रभावित हुई यात्री संख्या
दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी

दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी, कहा- विरोध-प्रदर्शन के कारण प्रभावित हुई यात्री संख्या

लेखन गजेंद्र
Oct 14, 2026
06:41 pm

क्या है खबर?

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के मामले में दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दायर किया। उसने कोर्ट को बताया कि 10 अक्टूबर को मेट्रो यातायात ठप नहीं था, बल्कि 45 स्टेशनों को छोड़कर बाकी सभी स्टेशन पूर्णतया चालू थे। निगम ने हलफनामे में बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि दैनिक यात्री विरोध-प्रदर्शन के कारण घटे थे।

हलफनामा

58 लाख की जगह 32 लाख यात्री कर सके सफर

लाइव लॉ के मुताबिक,DMRC की अध्यक्ष डी थारा की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया कि आमतौर पर दूसरे शनिवार को परिचालन घंटों में 58 लाख यात्री यात्रा करते हैं, लेकिन 10 अक्टूबर को 32 लाख ने मेट्रो यात्रा की थी।

उन्होंने इसका कारण प्रतिबंध न बताकर विरोध-प्रदर्शन को बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की वजह से बड़ी संख्या में यात्रियों ने यात्रा से परहेज किया।

हलफनामे की शुरुआत में, अध्यक्ष ने कोर्ट से बिना शर्त माफी भी मांगी।

अवमानना

अवमानना के मामले में क्या बोला DMRC?

कोर्ट ने 9 अक्टूबर के आदेश में अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मेट्रो और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह से प्रतिबंधित न हो और विनियमित तरीके से संचालित की जाए, जो नहीं किया गया।

इस पर, DMRC ने कहा 9 अक्टूबर के निर्देश एकतरफा प्राप्त किए गए थे, क्योंकि DMRC अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं थी।

DMRC का आरोप है कि याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को गलत जानकारी दी कि सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से ठप हो गया था।

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विवाद

क्या है मामला?

दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने DMRC से अनुरोध किया था कि 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए जाएं।

इसके बाद निगम ने 303 मेट्रो स्टेशनों में से 57 स्टेशन बंद कर दिए। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद निगम ने प्रतिबंध पूरी तरह नहीं हटाया और बंद स्टेशनों की संख्या 45 कर दी।

इसी को अवमानना बताकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

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