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कैंसर की दवाएं 20 से 70 प्रतिशत तक सस्ती होंगी, NPPA से दाम घटाने को मंजूरी
कैंसर की दवाएं 20 से 70 प्रतिशत तक सस्ती होंगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कैंसर की दवाएं 20 से 70 प्रतिशत तक सस्ती होंगी, NPPA से दाम घटाने को मंजूरी

लेखन गजेंद्र
Oct 09, 2026
11:00 am

क्या है खबर?

भारत में कैंसर की दवाओं की कीमत में बढ़ोतरी को रोकने केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार की दवा मूल्य निर्धारण नियामक संस्था, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने दवा फैक्ट्री और मरीज के बीच विक्रेताओं द्वारा कीमत में की जाने वाली बढ़ोतरी की सीमा को मंजूरी दी है। प्राधिकरण के फैसले से व्यापार मार्जिन 30 प्रतिशत तक सीमित होगा, जिससे दवाओं की कीमतों में 20 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट हो सकती है।

दवा

कौन-कौन सी दवा होगी सस्ती?

कैंसर की कौन-कौन सी दवा सस्ती होगी, इसकी सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन इसमें ब्रांडेड, जेनेरिक, घरेलू और आयातित, पेटेंट वाली और बिना पेटेंट वाली दवाएं शामिल होंगी।

केंद्र सरकार ने 110 गैर-मान्यता प्राप्त कैंसर दवाओं, जिनमें 35 पेटेंट वाली दवाएं शामिल हैं, उनको इस दायरे में रखा है।

फैसले से कैंसर रोगियों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में 70 प्रतिशत तक की कटौती से काफी बचत हो सकती है।

लाभ

व्यापार मार्जिन क्या है?

व्यापार मार्जिन वह अंतर है जो वितरक द्वारा दवा निर्माता से दवा खरीदने की कीमत और रोगी द्वारा भुगतान की जाने वाली अंतिम MRP के बीच होता है और MRP वह मूल्य है जो पैकेट पर छपा होता है।

औषधि विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह कदम लगभग 10 दिनों में लागू होने की संभावना है

सरकार का अनुमान है कि इससे मरीजों को सालाना लगभग 2,500 करोड़ रुपये की बचत होगी।

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दवा

सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई थी चिंता

पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने भी अस्पतालों द्वारा दवाओं पर लगाए जा रहे भारी मुनाफे पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे दिनदहाड़े डकैती बताया था। कोर्ट ने कहा था, यह सरासर अन्याय है।

कोर्ट ने कहा था कि कैंसर की दवा का MRP 27,000 रुपये है, जबकि खुदरा विक्रेताओं को यह 2,700 रुपये में बेची जा रही है।

कोर्ट ने आगे कहा था कि हर चीज के MRP पर 16 प्रतिशत का मार्जिन क्यों नहीं रखा जाता?

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