अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिली, तिरंगा मार्च से पहले गिरफ्तार किए गए थे
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी है। बता दें कि दिपके को दिल्ली के कनॉट प्लेस पर 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आज दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया गया।
बॉन्ड
बॉन्ड के साथ करना होगा इन शर्तों का पालन
लाइव लॉ के मुताबिक, दिपके को एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है। साथ ही उन्हें पहले के 'पीस बॉन्ड' की शर्तों का पालन करना होगा।
शर्तों में से एक यह है कि उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिपके को 50,000 रुपये का बॉन्ड भरने को कहा गया है।
बीते करीब एक हफ्ते में दिपके को 2 बार गिरफ्तार किया गया है।
नोटिस
प्रदर्शन से पहले पुलिस ने दिपके को दिए थे 2 नोटिस
शुक्रवार को दिपके को हिरासत में लेने से पहले दिल्ली पुलिस उनके घर पहुंची थी। पुलिस ने उन्हें 2 नोटिस दिए थे और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन के लिए जाने से मना किया था।
पुलिस ने उनको धारा 163 का हवाला देते हुए किसी प्रकार का प्रदर्शन न करने को कहा था। पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
हालांकि, दिपके नहीं माने, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
हिरासत
10 अक्टूबर को भी हिरासत में लिए गए थे दिपके
10 अक्टूबर को भी दिपके और CJP के प्रवक्ताओं- आशुतोष दास और सौरव रंका को हिरासत में लिया गया था और दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने पेश किया गया।
बाद में, 50,000 रुपये का मुचलका भरने और एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छा आचरण करने का वचन देने के बाद रिहा कर दिया गया।
कल CJP के प्रदर्शन से पहले दिपके को फिर हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन
कांग्रेस की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली
लेफ्ट पार्टियों ने आज भी दिल्ली स्थित रायसीना रोड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
वहीं, ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) और अन्य संगठनों ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में मार्च निकाला।
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली निकालने का ऐलान किया है। ये रैली SIR के विरोध में होगी।