अभिजीत दिपके, मनीष सिसोदिया और महात्मा गांधी के परपोते समेत दर्जनों बड़े चेहरे हिरासत में
क्या है खबर?
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस सुबह से ही सख्त रुख अपना रही है। पुलिस ने जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही हजारों लोगों को हिरासत में ले लिया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास को तो हवाई अड्डे से ही हिरासत में ले लिया गया। सुरक्षा को देखते हुए तीनों को अलग-अलग जगहों पर रखा गया है।
गांधी
महात्मा गांधी के परपोते भी हिरासत में
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, जंतर-मंतर पर मौजूद अपने साथी भारतीयों के समर्थन में दोपहर 3:30 बजे मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में लोग जरूर जुटेंगे।
कल उन्होंने कहा था, "मेरे पूर्वजों को 9 अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान ब्रिटिश औपनिवेशिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मैं कल निश्चित रूप से अगस्त क्रांति मैदान जाऊंगा। ज्ञानू, शाह, मोदी कुर्सी छोड़ो!"
चंडीगढ़
ये बड़े चेहरे भी हिरासत में लिए गए
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को चंडीगढ़ में हिरासत में लिया गया है।
यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी पुलिस ने उनके गुरुग्राम स्थित घर से उठा लिया है।
पुलिस ने CJP के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में ले लिया है। उनके साथ 3 और वकील हैं।
जंतर मंतर की ओर मार्च कर रहे कई वकील भी हिरासत में लिए गए हैं।
CPI
हिरासत में CPM के कई नेता
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPIM) ने बताया कि उसके महासचिव एमए बेबी, एमवी गोविंदन मास्टर, ए विजयराघवन केके शैलजा, सांसद जॉन ब्रिटास, केएन बालगोपाल, बृंदा करात और पीके श्रीमती सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
जॉन ब्रिटास ने कहा, "भाजपा सरकार ने दिल्ली को पंगु बना दिया है और देश के लोगों को बहुत बुरी हालत में डाल दिया है।"
पत्रकार
5 पत्रकारों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर
कम से कम 5 पत्रकारों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। स्क्रॉल के आयुष तिवारी, न्यूजलॉन्ड्री के अश्विनी कुमार सिंह और आस्था सव्यसाची और नवभारत टाइम्स के रितिक जोशी और राहुल चरस को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।
हालांकि, अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पत्रकारों ने दावा किया है कि इनमें से कुछ पत्रकार जंतर मंतर पर मौजूद नही थे फिर भी हिरासत में ले लिए गए।