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शशि थरूर 'धुरंधर' की हिंसा देख भड़के, पूछा- इतने खून-खराबे की क्या जरूरत थी? हंसेंगे पाकिस्तानी
'धुरंधर' देख क्या बोले शशि थरूर?

शशि थरूर 'धुरंधर' की हिंसा देख भड़के, पूछा- इतने खून-खराबे की क्या जरूरत थी? हंसेंगे पाकिस्तानी

Oct 21, 2026
12:23 pm

क्या है खबर?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर' के स्तर और निर्माण की तो सराहना की है, लेकिन फिल्म में दिखाई गई अत्यधिक हिंसा और राजनीतिक संदेशों पर उन्होंने सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कहानी कहने के लिए इतने भीषण और हिंसक दृश्यों की क्या जरूरत थी। इसके साथ ही, थरूर ने आदित्य के धर में निर्देशन में बनी फिल्म में भारत-पाकिस्तान संबंधों के चित्रण और प्रोपेगैंडा को लेकर भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

नाराजगी

'धुरंधर' की हिंसा पर थरूर की दो टूक

थरूर ने फिल्म में दिखाई हिंसा की आलोचना करते हुए कहा कि इतनी भयानक और अत्यधिक हिंसा दिखाने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने इसे भारतीय सिनेमा के सबसे परेशान करने वाले और जरूरत से ज्यादा हिंसक दृश्यों में से एक बताया।

थरूर ने फिल्म में राजनीतिक संदेश और पाकिस्तान के चित्रण पर भी बात की। उन्होंने माना कि ऐसे विषयों से दर्शकों पर असर पड़ सकता है कि वे दोनों देशों के रिश्तों को किस नजरिए से देखते हैं।

आलोचना

'धुरंधर' के दृश्य बेहद परेशान करने वाले और अतिश्योक्तिपूर्ण- शशि थरूर

थरूर ने बताया कि फिल्म पर पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बैन लगा है, क्योंकि इससे दोनों देशों में तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने फिल्म की आलोचना करते हुए कहा, "जो बातें मुझे पसंद नहीं आईं, उनमें से एक है जरूरत से ज्यादा भयानक हिंसा। यह पूरी तरह से बहुत अधिक और अतिश्योक्तिपूर्ण था। इतनी हिंसा, खून-खराबा, तबाही, क्रूरता और भारतीय सिनेमा में अब तक देखे गए सबसे परेशान करने वाले दृश्यों को दिखाने की कोई जरूरत नहीं थी।"

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प्रतिबंध

'धुरंधर' बैन पर कही ये बात

थरूर ने बताया कि फिल्म पर पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बैन लगा है, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है। थरूर ने इन चिंताओं को समझते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता पाकिस्तानी दर्शक इसे कैसे देखेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्म के कुछ डायलॉग्स पर वे हंस सकते हैं तो वहीं कुछ हिस्सों को देखकर वे इस बात पर विचार कर सकते हैं कि उनके देश के नाम पर क्या-क्या गलत काम हुए हैं।

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तंजे

"असल में खुफिया अधिकारी ऐसे काम नहीं करते"

थरूर ने फिल्म की कार्यप्रणाली पर बात करते हुए कहा कि उनके खुफिया अधिकारियों के साथ अनुभव काफी अलग रहे हैं, जहां फिल्मी रहस्यों की बजाय केवल बातचीत और विश्लेषण होता है। साथ ही उन्होंने आर माधवन के किरदार अजय सान्याल के लंबे कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही ब्यूरोक्रेट का नब्बे के दशक से लेकर आज तक इस पद पर बने रहना मुश्किल है, इसलिए इसे केवल एक फिक्शन के रूप में देखा जाना चाहिए।

तारीफ

थरूर ने 'धुरंधर' के विजुअल्स और निर्देशन को सराहा

हालांकि, थरूर ने फिल्म 'धुरंधर' की भव्यता और इसे बनाने में की गई कड़ी मेहनत की सराहना की।

उन्होंने इसके विजुअल्स, सेट डिजाइन, निर्देशन और कलाकारों के अभिनय की जमकर तारीफ करते हुए इसे दिमाग पर गहरा असर छोड़ने वाला एक शानदार सिनेमाई अनुभव बताया।

हालांकि, थरूर ने जोर देकर कहा कि इस फ्रेंचाइजी के बड़े स्तर और सीख के बावजूद इसे केवल एक काल्पनिक फिल्म के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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