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UPI पर लगने वाला शुल्क देरी से होगा लागू? जनवरी तक बढ़ सकती है तारीख
यह शुल्क 2,000 रुपये से ज्यादा के योग्य मर्चेंट लेनदेन पर लगाया जाना है

UPI पर लगने वाला शुल्क देरी से होगा लागू? जनवरी तक बढ़ सकती है तारीख

Oct 08, 2026
02:30 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर इस महीने से लगने वाले शुल्क को कुछ समय के लिए टाल सकती है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को कुछ महीनों के लिए आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। यह शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।

तारीख

जनवरी तक बढ़ सकती है तारीख

अगर देरी को मंजूरी मिलती है तो नई फीस लागू करने की तारीख जनवरी तक बढ़ सकती है।

इससे भुगतान कंपनियों को सिस्टम में जरूरी बदलाव करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। त्योहारों के दौरान दुकानदारों और ऑनलाइन कारोबारियों पर भुगतान लागत का अचानक असर नहीं पड़ेगा।

अक्टूबर से दिसंबर के बीच खरीदारी बढ़ने के कारण इस समय UPI का इस्तेमाल भी बढ़ता है। ऐसे में कंपनियां नई व्यवस्था तैयार कर सकेंगी।

विरोध

प्रस्तावित फीस का हो रहा विरोध

प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क का खुदरा कारोबारियों और एक बड़े ब्रोकर ने विरोध किया है।

यह शुल्क 2,000 रुपये से ज्यादा के योग्य मर्चेंट लेनदेन पर लगाया जाना है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI भुगतान पर ग्राहक से सीधे 0.4 प्रतिशत रकम ली जाएगी।

यह मर्चेंट पक्ष का शुल्क है, जिससे डिजिटल भुगतान कंपनियों को कमाई का नया रास्ता मिलने की उम्मीद थी। देरी होने पर इस कारोबारी मॉडल पर असर पड़ सकता है।

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बदलाव

ग्राहकों के लिए फिलहाल बदलाव नहीं

फीस को फिलहाल रद्द नहीं किया गया है, इसलिए NPCI के अंतिम फैसले तक UPI भुगतान पहले की तरह जारी रहेंगे।

अगर तारीख आगे बढ़ती है तो दुकानदारों को नई लागत के लिए तैयारी करने का समय मिलेगा। प्रस्तावित शुल्क को लेकर बाजार में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

देरी की खबर के बाद पेटीएम और वन मोबिक्विक सिस्टम्स के शेयरों में तेज गिरावट आई, जबकि पाइन लैब्स के शेयर में भी कमजोरी देखी गई।

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