ग्रीन कार्ड पर रोक के बीच TCS का ऐलान, अमेरिका में 15,000 लोगों को देगी नौकरी
क्या है खबर?
अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया पर रोक लगाने के फैसले का असर भारतीय IT कंपनियों पर भी पड़ा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस उन 8 कंपनियों में शामिल हैं, जिन्हें परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) से निलंबित किया गया है। यह कदम अमेरिका में वीजा नियमों पर सख्ती के बीच उठाया गया है। हालांकि, TCS का कहना है कि इस फैसले से उसकी अमेरिकी कारोबार की रणनीति पर असर नहीं पड़ेगा।
नौकरी
TCS 5 साल में 15,000 लोगों को देगी नौकरी
TCS ने कहा है कि वह अमेरिकी सरकार के निर्देशों का पालन करेगी।
कंपनी अगले 5 साल में अमेरिका में 15,000 और लोगों को नौकरी देने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य वहां अपने स्थानीय कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना है।
कंपनी के मुताबिक, अमेरिका में उसके 31 कार्यालय और कामकाज से जुड़े केंद्र हैं। वहां पहले से बड़ी संख्या में स्थानीय कर्मचारी काम करते हैं और कंपनी आगे भी इसी दिशा में भर्ती जारी रखना चाहती है।
आवेदन
पिछले 2 साल में PERM के आवेदन बहुत कम
TCS ने बताया कि पिछले 2 साल में उसने PERM के तहत बहुत कम आवेदन किए थे। इनकी संख्या इकाई के दायरे में थी।
इसी वजह से उसे उम्मीद है कि कार्यक्रम से निलंबित होने का असर उसकी कर्मचारियों से जुड़ी योजना और ग्राहकों के साथ कामकाज पर नहीं पड़ेगा।
PERM अमेरिकी कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसमें कंपनियों को अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा दिखानी होती है।
कार्रवाई
8 कंपनियों पर कार्रवाई
TCS और इंफोसिस के अलावा कॉग्निजेंट, विप्रो, HCL टेक्नोलॉजीज, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब और कैपजेमिनी भी इस फैसले से प्रभावित हैं।
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि इन कंपनियों से जुड़े नए और लंबित PERM आवेदनों को स्वीकार या आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत कंपनियों को साबित करना होता है कि विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन, कामकाज की परिस्थितियों और रोजगार के अवसरों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।