भारत में बढ़ेगा वेनेजुएला के तेल का आयात, अक्टूबर में दोगुने से ज्यादा का अनुमान
क्या है खबर?
भारत में वेनेजुएला के तेल की खरीद अक्टूबर में तेजी से बढ़ सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को वेनेजुएला से 4.65 लाख बैरल रोजाना तेल मिलने की उम्मीद है, जबकि सितंबर में यह करीब 1.96 लाख बैरल रोजाना था। अगर जहाज समय पर पहुंचते हैं, तो अक्टूबर में आयात दिसंबर, 2019 के बाद सबसे ज्यादा हो सकता है। हालांकि, कुछ जहाज देर से पहुंचने के कारण मात्रा कम रह सकती है।
सिक्का पोर्ट
सिक्का पोर्ट पहुंच रहे तेल के जहाज
भारत आने वाले वेनेजुएला के सभी तेल जहाज गुजरात के सिक्का पोर्ट को अपना गंतव्य बता रहे हैं।
यह पोर्ट रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर रिफाइनरी परिसर को सेवा देता है। भारत ने करीब एक साल के अंतराल के बाद फरवरी में वेनेजुएला से तेल खरीद फिर शुरू की थी।
अब रूसी तेल की खरीद को लेकर बढ़ती सावधानी के बीच वेनेजुएला से मिलने वाला सस्ता तेल भारतीय रिफाइनरों के लिए एक विकल्प बन रहा है।
असर
रूस से खरीद घटने का असर
भारत अभी भी रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदता है, लेकिन सितंबर में कुल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी घटकर करीब 35 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई में 56 प्रतिशत थी।
दूसरी ओर, वेनेजुएला का तेल रूसी यूराल के मुकाबले कम कीमत पर मिल रहा है। इससे लंबी दूरी और ज्यादा ढुलाई का खर्च कुछ हद तक संभालना आसान हो जाता है।
इसी वजह से भारतीय रिफाइनर अपनी खरीद के स्रोत बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।
चुनौती
भारी तेल की प्रोसेसिंग बनी चुनौती
वेनेजुएला का तेल भारी और ज्यादा सल्फर वाला है, इसलिए इसे रिफाइन करना आसान नहीं होता।
जामनगर रिफाइनरी की आधुनिक क्षमता ऐसे तेल को प्रोसेस करने में मदद करती है, लेकिन हर भारतीय रिफाइनरी ऐसा लगातार नहीं कर सकती। इसके अलावा, टैंकर का किराया बढ़ने से आयात महंगा पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर में आयात बढ़ने के बावजूद लंबे समय तक इतनी बड़ी मात्रा बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।