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ग्रीन कार्ड फ्रीज से TCS, इंफोसिस और विप्रो के कर्मचारियों की चिंता बढ़ी, अब आगे क्या?
इस फैसले के बाद प्रभावित कंपनियां नए आवेदन जमा नहीं कर सकेंगी

ग्रीन कार्ड फ्रीज से TCS, इंफोसिस और विप्रो के कर्मचारियों की चिंता बढ़ी, अब आगे क्या?

Oct 09, 2026
09:59 am

क्या है खबर?

अमेरिका में नौकरी करने और वहीं स्थायी रूप से बसने का सपना देख रहे भारतीय IT कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ट्रंप प्रशासन ने TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCL जैसी भारतीय कंपनियों समेत कई बड़ी टेक कंपनियों को ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया से जुड़े PERM कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रभावित कंपनियां नए आवेदन जमा नहीं कर सकेंगी और उनके कर्मचारियों के लिए अमेरिका में स्थायी निवास पाने का रास्ता धीमा पड़ सकता है।

असर

भारतीय कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

इस फैसले का असर खासकर उन भारतीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनकी कंपनियों ने अभी तक ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

PERM की मंजूरी के बिना वे इस रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकेंगे। हालांकि, जिन कर्मचारियों के पास वैध H-1B वीजा है, उनका वीजा इस कार्रवाई से अपने आप रद्द नहीं होगा।

पहले से लंबित आवेदन भी स्वतः रद्द नहीं माने जाएंगे, लेकिन उनकी जांच और प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

मुश्किल

6 साल की सीमा के करीब कर्मचारियों की मुश्किल

अमेरिका में H-1B वीजा आम तौर पर अधिकतम 6 साल तक के लिए होता है।

जिन भारतीय कर्मचारियों की यह अवधि पूरी होने वाली है, उनकी चिंता बढ़ सकती है, खासकर अगर उनकी PERM प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है या I-140 मंजूर नहीं हुआ है। ऐसे कर्मचारियों के पास अमेरिका में काम जारी रखने के विकल्प सीमित हो सकते हैं।

हालांकि, कुछ योग्य मामलों में इमिग्रेशन नियम अवधि बढ़ाने की अनुमति देते हैं। हर कर्मचारी की स्थिति अलग होगी।

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नीति

कंपनियां बदल सकती हैं भर्ती और स्पॉन्सरशिप की नीति

PERM प्रक्रिया पर रोक लंबे समय तक जारी रहती है, तो भारतीय IT कंपनियां अमेरिका में कर्मचारियों की भर्ती नीति पर दोबारा विचार कर सकती हैं।

कंपनियां कम कर्मचारियों को स्थायी निवास के लिए स्पॉन्सर कर सकती हैं या अमेरिकी कर्मचारियों की भर्ती बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका में लंबे समय तक बसने की योजना बनाना मुश्किल हो सकता है।

हालांकि, कंपनियों की ओर से ऐसे बदलावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

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रास्ता

आगे क्या रास्ता बचता है?

कुछ कर्मचारियों के लिए L-1A जैसे दूसरे वीजा विकल्प उपयोगी हो सकते हैं।

यह वीजा कंपनी के भीतर प्रबंधकीय या वरिष्ठ पदों पर कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए होता है और कुछ योग्य लोगों को EB-1C श्रेणी से ग्रीन कार्ड का रास्ता मिल सकता है।

हालांकि, हर H-1B कर्मचारी इस विकल्प का इस्तेमाल नहीं कर सकता। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिकी श्रम विभाग रोक कब हटाता है और लंबित आवेदनों पर क्या फैसला लेता है।

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