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जर्मनी में एक अपार्टमेंट में आग लगने से 3 भारतीयों की मौत, जानिए कौन हैं तीनों
जर्मनी में एक अपार्टमेंट में आग लगने से सिविन, नोवा और अंजलि की मौत हुई है (बाएं से)

जर्मनी में एक अपार्टमेंट में आग लगने से 3 भारतीयों की मौत, जानिए कौन हैं तीनों

लेखन गजेंद्र
Oct 15, 2026
08:04 pm

क्या है खबर?

जर्मनी के बोचम में 14 अक्टूबर को एक आवासीय इमारत में आग लगने से 3 भारतीय नागरिकों को मौत हो गई है। तीनों मृतक केरलम के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान कोल्लम की अंजली एस जॉय (27), इडुक्की की नोवा साबू (25) और एर्नाकुलम के सिविन जॉनी (25) के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है, जिसके तहत इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय रोमानियाई व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

आग

कैसे हुई तीनों की मौत?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों 2 सप्ताह पहले बोचम के हॉफस्टेड जिले में स्थित बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर रहने आए थे।

आग स्थानीय समय के अनुसार सुबह सवा 4 बजे लगी, उस समय इमारत में अधिकतर लोग सो रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने जांच की तो अपार्टमेंट में 3 लोग मृत पाए गए।

बताया जा रहा है कि आग का धुआं फैलने से लोगों का दम घुंट गया और वे बाहर नहीं निकल सके।

जांच

कौन हैं जान गंवाने वाले युवा?

नोवा सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर केपी साबू और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स पीएन ज्योति की बेटी थीं। वह 3 जुलाई को जर्मनी गई थीं और जिम प्रशिक्षक के तौर पर काम कर रही थीं।

सिविन उच्च शिक्षा के लिए 2 सप्ताह पहले ही जर्मनी पहुंचा था। उसका भाई साल्विन भी जर्मनी में रहता है और उसकी बहन सिमी आयरलैंड में है।

अंजलि के पास B.Ed की डिग्री थी, वह जुलाई में जर्मनी गई थीं और एक गोदाम में कार्यरत थीं।

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शक

हत्या की हो रही जांच

जर्मनी की पुलिस ने तकनीकी खराबी से आग की संभावना को खारिज किया है और संदेह के घेरे में जांच कर रही है।

स्थानीय मीडिया ने पहले बताया था कि इमारत को लेकर विवाद भी चल रहा था, लेकिन अभी तक हादसे से इसका कोई संबंध नहीं बताया गया है।

पुलिस ने जिस रोमिनियाई व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, उस पर हत्या का संदेह है और पुलिस के पास हत्या का संदेह करने के लिए प्रारंभिक आधार मौजूद हैं।

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जानकारी

शव भारत लाने के प्रयास

केरलम के पर्यटन मंत्री पीसी विष्णुनाथ ने बताया कि सरकार ने तीनों शव वापस लाने का प्रयास शुरू किया है। सरकार अनिवासी केरलवासियों के मामलों के विभाग और भारतीय दूतावास के साथ काम कर रही है। जर्मनी में मलयाली संगठन भी मदद कर रहे हैं।

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