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शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का प्रण दोहराया, बोलीं- भले मुझे मार दिया जाए
शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का प्रण दोहराया

शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का प्रण दोहराया, बोलीं- भले मुझे मार दिया जाए

लेखन गजेंद्र
Oct 20, 2026
01:59 pm

क्या है खबर?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में अपने देश लौटने का प्रण दोहराया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है कि उनका ढाका लौटना कितना जोखिम भरा है। अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में सेंटर फॉर अमेरिका-बांग्लादेश रिलेशंस के एक इवेंट में हसीना वर्चुअली शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बांग्लादेश लौटना उनकी जिम्मेदारी है और इससे जुड़े खतरे उन्हें रोक नहीं पाएंगे, भले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए या मार दिया जाए।

बयान

बांग्लादेश जाना मेरी जिम्मेदारी है- हसीना

हसीना ने कहा, "मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाऊंगी। मुझे डर नहीं है। मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और प्रताड़ित कर सकते हैं...जाना मेरी जिम्मेदारी है।"

उन्होंने अपनी वापसी की पक्की तारीख बताए बिना कहा, "यह कितना जोखिम भरा है, मुझे परवाह नहीं। मुझे वापस जाना है।"

बता दें कि हसीना ने इस साल जुलाई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिसंबर में वापस लौटने की घोषणा की थी।

तारीख

अभी तारीख तय नहीं

हसीना और उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भी लौटने की तारीख की कोई जानकारी नहीं दी। जॉय ने कहा कि अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है। समय के करीब आने पर इसकी घोषणा की जाएगी।

उन्होंने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी, महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव और जबरन वसूली का आरोप लगाया।

हसीना ने बांग्लादेश की सरकार को भ्रष्ट बताया और निष्पक्ष चुनाव की मांग दोहराई।

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धन्यवाद

भारत और ट्रंप का धन्यवाद

हसीना ने USAID फंडिंग रोकने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया और दावा किया कि इससे पैसा गलत हाथों में जाने से रुकेगा।

उन्होंने भारत के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर करते हुए कहा, "भारत सरकार और सभी पार्टियों के लोगों का शुक्रिया, उन्होंने मेरा स्वागत ठीक वैसे ही किया जैसे 1975 में किया था।"

हसीना ने वो समय याद किया जब वह और उनकी बहन अपने परिवार के कई सदस्यों की हत्या के समय बची थीं।

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