वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच का गौतम गंभीर पर हमला, कहा- यह तानाशाही है
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। NDTV स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लगातार प्लेइंग-इलेवन से बाहर रखने पर उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कोच ओझा ने टीम की चयन नीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे तानाशाही करार दिया है।
बयान
ओझा ने क्या दिया बयान?
सूर्यवंशी को बेंच पर बिठाए जाने से नाराज कोच ओझा ने कहा, "यह गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन की सरासर तानाशाही है। आप एक 15 साल के युवा को टीम में चुनते हैं, पूरी दुनिया उसकी बल्लेबाजी की बात कर रही है, वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज उसकी तारीफ कर रहे हैं और आप उसे खेलने का मौका ही नहीं दे रहे हैं। अगर आपको उसे खिलाना ही नहीं था, तो उसे टीम में शामिल करके उसका समय क्यों बर्बाद किया?"
तंज
युवा खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाकर तैयार नहीं किया जा सकता- ओझा
कोच ओझा ने कहा, "युवा खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाकर तैयार नहीं किया जा सकता है। जब आपके स्थापित वरिष्ठ बल्लेबाज लगातार असफल हो रहे हैं, तो आप इस युवा खिलाड़ी को आजमाने से क्यों डर रहे हैं? एक कोच के तौर पर गंभीर को युवाओं को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, लेकिन यहां जो हो रहा है वह समझ से परे है।"
ओझा के बयान पर गंभीर और पूरे टीम प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल
क्यों उठ रहे हैं गंभीर पर सवाल?
सूर्यवंशी ने एशियाई खेल 2026 में भारत के तीनों मैचों में अभी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।
इसके बाद भी वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के पहले तीनों टी-20 मैचों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई।
हाल ही में सहवाग ने सूर्यवंशी की तुलना खुद से करते हुए कहा था कि उसकी सोच पहली ही गेंद से प्रहार करने की है।
इसके बावजूद गंभीर और कप्तान द्वारा उन्हें मौका न दिए जाने पर क्रिकेट विशेषज्ञ भी हैरान हैं।