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रणजी ट्रॉफी से समझौता बर्दाश्त नहीं, सुनील गावस्कर ने इंडिया-A के शेड्यूल पर उठाए गंभीर सवाल
सुनील गावस्कर का बड़ा बयान सामने आया है (फाइल तस्वीर)

रणजी ट्रॉफी से समझौता बर्दाश्त नहीं, सुनील गावस्कर ने इंडिया-A के शेड्यूल पर उठाए गंभीर सवाल

Oct 12, 2026
02:02 pm

क्या है खबर?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट के साथ इंडिया-A के मैच आयोजित किए जाने से खुश नहीं हैं। रणजी ट्रॉफी के नए सीजन की शुरुआत रविवार को हुई, जिसमें कई बड़े खिलाड़ी मैदान पर उतरे। हालांकि, पहले ही दिन इंडिया-A और ऑस्ट्रेलिया-A के बीच तीसरा और आखिरी वनडे भी खेला गया। इसके चलते रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल और रुतुराज गायकवाड़ अपनी-अपनी घरेलू टीमों मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के लिए उपलब्ध नहीं थे।

इंडिया-A

न्यूजीलैंड का दौरा करने वाली है इंडिया-A

इसी महीने के अंत में इंडिया-A की टीम 3 अनौपचारिक टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। इससे कुछ खिलाड़ी फिर अपनी घरेलू टीमों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।

इस शेड्यूल पर चिंता जताते हुए गावस्कर ने आयोजकों से घरेलू क्रिकेट कैलेंडर का ध्यान रखने और रणजी ट्रॉफी से समझौता नहीं करने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि रणजी ट्रॉफी में प्लेट टीमों को शामिल करने से टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा कमजोर हुई है।

बयान

गावस्कर ने कही ये बात 

गावस्कर ने मिड-डे के लिए अपने कॉलम में लिखा, 'एलीट डिवीजन में टीमों के स्तर में काफी हद तक समानता आई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले जो टीमें ज्यादा प्रतिस्पर्धी नहीं थीं वे अब रणजी ट्रॉफी जीत रही हैं। यह बेहद उत्साहजनक है। हालांकि, भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के घरेलू टूर्नामेंट में बहुत कम खेलने के कारण यह समझना मुश्किल है कि कुछ व्यक्तिगत खिलाड़ी वास्तव में कितने अच्छे हैं।'

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दिग्गज

गावस्कर ने खिलाड़ियों को लेकर कही ये बात 

उन्होंने आगे लिखा, 'यह तब देखने को मिलता है जब रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और विकेट लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को भारतीय टीम में चुना जाता है। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने के लिए संघर्ष करते हैं। कुछ खिलाड़ी जल्द ही टीम से बाहर हो जाते हैं, जबकि कुछ लंबे समय तक टीम के आसपास तो रहते हैं, लेकिन अपनी जगह पक्की नहीं कर पाते।'

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रणजी

इस समस्या का कोई आसान समाधान नहीं- गावस्कर 

गावस्कर ने लिखा, 'इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। इंडिया-A के मैचों से यह पहचानने में मदद मिलती है कि कौन सा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल हो सकता है और कौन रणजी ट्रॉफी में ही अच्छा प्रदर्शन करता रहेगा। इंडिया-A के ज्यादा मैच होने चाहिए, लेकिन घरेलू टूर्नामेंट खासकर रणजी ट्रॉफी के दौरान नहीं। कमजोर प्रतिस्पर्धा के कारण बल्लेबाज का एक सीजन में 2,000 रन बनाना या गेंदबाज का 100 विकेट लेना हैरानी की बात नहीं होगी।'

प्लेट-ग्रु

प्लेट डिवीजन से गिर रहा है रणजी ट्रॉफी का स्तर

गावस्कर ने लिखा की रणजी ट्रॉफी के प्लेट डिवीजन में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में रिकॉर्ड टूट रहे हैं और नए कीर्तिमान बन रहे हैं।

जब लोढ़ा समिति ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रणजी ट्रॉफी में शामिल करने की सिफारिश की थी, तो इसका नतीजा सिर्फ टूर्नामेंट के स्तर में गिरावट के रूप में सामने आया।

ज्यादातर नई राज्य टीमों के पास उचित सुविधाएं तक नहीं थीं।

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