ऋषभ पंत के सीमित ओवरों में कम होते प्रभाव पर शास्त्री का बयान, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के सीमित ओवर (वनेड और टी-20) करियर को लेकर एक बड़ा विश्लेषण सामने आया है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के नंबर-1 विकेटकीपर होने के बावजूद सीमित ओवर प्रारूप की दौड़ पंत लगभग बाहर नजर आ रहे हैं। इस स्थिति के बीच पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने पंत को लेकर अपने विचार साझा किए और पंत को अपना स्वाभाविक खेल न बदलने की सलाह दी है।
बयान
शास्त्री ने क्या दिया बयान?
शास्त्री ने TOI के साथ साक्षात्कार में खेल पंडितों की उस राय का खुलकर विरोध किया है जिसमें वे पंत को अपना स्वाभाविक खेल बदलने की सलाह देते हैं।
उन्होंने कहा कहा, "मैंने पंत से हमेशा केवल यही एक बात कही है कि स्मार्ट बनो। उसके पास अपार क्षमता है और उसे अपना स्वाभाविक खेल नहीं बदलना चाहिए। उसे बस मैच की स्थिति के प्रति जागरूक रहने और हालातों को समझने की जरूरत है।"
सवाल
सीमित ओवर क्रिकेट में क्यों गिरा पंत का ग्राफ?
टेस्ट मैच में पंत की आक्रामक और जोखिम भरी शैली बेहद सफल रही है, लेकिन सीमित ओवरों के प्रारूप में यह अक्सर उनके खराब शॉट चयन और जल्दी विकेट गंवाने का कारण बनी है।
विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर भारतीय टीम में इस समय जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है।
केएल राहुल, ईशान किशन और संजू सैमसन जैसे बहुमुखी खिलाड़ियों ने सीमित ओवरों में ज्यादा निरंतरता, मैच जागरूकता और लचीलापन दिखाया है, जिससे पंत की जगह छिन गई।
करियर
कैसा रहा है पंत का वनडे और टी-20 करियर?
पंत ने अपने वनडे करियर में अब तक कुल 31 मैच खेले हैं, जिसकी 27 पारियों में 33.50 की औसत और 106.20 की स्ट्राइक रेट से 871 रन बनाए हैं।
इसमें एक शतक और 5 अर्धशतक शामिल है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 125 रन का रहा है।
इसी तरह उन्होंने 76 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 66 पारियों में 23.20 की औसत और 127.30 की स्ट्राइक रेट से 1,209 रन बनाए हैं। उन्होंने 3 अर्धशतक भी जड़े हैं।