शफाली वर्मा ने बताया अपनी निरंतरता का राज, इस टीम के खिलाड़ियों का किया था अध्ययन
क्या है खबर?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान शफाली वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता लाने के पीछे के बड़े राज का खुलासा किया है। रविवार को रायपुर में जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में महज 25 गेंदों में 55 रनों की आतिशी पारी खेलने के बाद शफाली ने बताया कि उन्होंने इसके लिए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खेल का गहराई से अध्ययन किया था। इस मुकाबले में भारतीय टीम 9 विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रही।
बयान
शफाली ने क्या दिया बयान?
शफाली ने मुकाबले के बाद अपनी निरंतरता पर बात करते हुए अहम बयान दिया।
उन्होंने कहा, "2025 में जब मैं घर पर थी, तब मैं सोच रही थी कि मैं अपने खेल में क्या सुधार कर सकती हूं। निरंतरता उन चीजों में से एक थी जिस पर मुझे काम करना था। मैंने इसके लिए ऑस्ट्रेलिया टीम की बल्लेबाजों का विश्लेषण किया कि वे सुधार के लिए क्या कर रहे थे और मैं उससे क्या सीख सकती थी।"
तारीफ
मंधाना ने भी की शफाली की तारीफ
मैच में नाबाद 47 रन बनाकर बतौर कप्तान अपनी पहली सीरीज जीतने वाली स्मृति मंधाना ने भी शफाली के आक्रामक अंदाज की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, "शफाली बस अपना स्वाभाविक खेल खेल रही थी और मैं उसे स्ट्राइक देने में खुश थी। जब मेरे पास मौके आए, मैंने उन पर शॉट खेले। गेंदबाज आज पूरी तरह से लय में थे और वे पहले मैच की तुलना में काफी बेहतर थे। दीप्ति, श्री चरणी और निकी ने महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।"
करियर
कैसा रहा है शफाली का टी-20 करियर?
शफाली ने अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साल 2019 में खेला था।
उन्होंने अब तक 121 मैच खेले हैं और इसकी 120 पारियों में 30.21 की औसत और 141.88 की स्ट्राइक रेट से 3,384 रन बनाने में सफल रहीं हैं।
उनके बल्ले से एक शतक और 22 अर्धशतक निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 100* रन रहा है।
वह अब तक के करियर में 100 से अधिक छक्के भी लगा चुकी हैं।