न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में मानव सुथार को मौका नहीं, अश्विन बोले- भारत ने की बड़ी चूक
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के आगामी दौरे पर 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए मानव सुथार को नहीं चुने जाने पर निराशा जताई है। यह सीरीज 19 नवंबर से शुरू होगी। सुथार अब तक भारत के लिए 3 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और इस दौरान उन्होंने 23 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें उन्होंने 2 बार 5 विकेट लेने का कारनामा भी किया है। आइए जानते हैं अश्विन ने क्या कहा?
बयान
अश्विन ने क्या कहा?
अश्विन ने कहा, "मेरे लिए यह स्पष्ट है कि भारत की प्लेइंग इलेवन में कोई विशेषज्ञ स्पिनर नहीं खेलेगा। मतलब है कि किसी को भी विशेषज्ञ स्पिनर की भूमिका में नहीं उतारा जाएगा। टीम प्रबंधन का मानना है कि वाशिंगटन सुंदर और रविंद्र जडेजा दोनों ही हमारे लिए बल्लेबाज के तौर पर खेल सकते हैं।"
टीम प्रबंधन ऐसे गेंदबाजों को प्राथमिकता दे रहा है जो बल्लेबाजी कर सके। यही वजह है कि कुलदीप यादव को भी मौका मिलना मुश्किल है।
स्पिन
मैं मानव को टीम में पसंद करता- अश्विन
अश्विन ने आगे कहा, "अगर वे (सुंदर और जडेजा) कुछ गेंद स्पिन करा सकते हैं तो हमें तीसरे स्पिनर की जरूरत नहीं होगी। अगर पिच पर गेंद ज्यादा घूमती है तो हम कुलदीप का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में मानव की जरूरत नहीं रह जाती। मुझे लगता है कि यह काफी पेचीदा स्थिति है क्योंकि मानव एक आक्रामक स्पिनर हैं और भारत के मुख्य स्पिनर की भूमिका निभा सकते हैं। मैं उन्हें टीम में देखना पसंद करता।"
सीरीज
मानव का चयन न होना दुर्भाग्यपूर्ण- अश्विन
अश्विन ने कहा, "भले ही आप मानव का इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन वह टीम में होने चाहिए थे। इसकी वजह टीम में निरंतरता बनाए रखना है। उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता। मैं यह नहीं कह रहा कि किसी खिलाड़ी को सिर्फ सीखने के लिए टीम में शामिल कर लेना चाहिए, अगर वह इसके योग्य नहीं है। मानव ने अच्छा प्रदर्शन किया है और वह इस दौरे पर जाने के हकदार हैं। उनका चयन नहीं होना थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है।"
क्रिकेट
मानव बल्लेबाज के तौर पर भी अच्छा करते- अश्विन
अश्विन ने आगे कहा कि मानव बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। अगर दौरे के आखिरी चरण में शायद अभ्यास के दौरान जडेजा चोटिल हो जाते हैं तो आपके पास ऐसा बाएं हाथ का स्पिनर नहीं होगा जो टीम के लिए उपयोगी साबित हो सके।
मानव ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी में राजस्थान की कप्तानी की थी।
इस दौरान तमिलनाडु के खिलाफ वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। काउंटी क्रिकेट में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था।