इंडिया अंडर-19 के तन्मय बलोदा ने रचा इतिहास, यूथ टेस्ट में पहली बार लिए 14 विकेट
क्या है खबर?
इंडिया अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में 10 विकेट से जीत दर्ज की। इस मैच में इंडिया की जीत के नायक तन्मय बलोदा रहे। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने मैच में कुल 14 विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी का विपक्षी बल्लेबाजों के पास कोई जवाब ही नहीं दिखा। इसके साथ ही बलोदा एक यूथ टेस्ट में कुल 14 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। आइए उनकी गेंदबाजी और रिकॉर्ड्स के बारे में जानते हैं।
गेंदबाजी
बलोदा ने तोड़ा टिम साउथी का पिछला रिकॉर्ड
पहले दिन बलोदा की शानदार गेंदबाजी (6/32) की बदौलत इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 174 रन पर समेट दिया।
इसके बाद उन्होंने दूसरी पारी में 8 और विकेट (8/41) लिए, जिससे मैच में उनका कुल प्रदर्शन 14/73 का हो गया।
विजडन के मुताबिक, यह यूथ टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के टिम साउथी (12/92 बनाम इंडिया अंडर-19, 2006-07) के नाम पर दर्ज था।
पारी
एक पारी में तीसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज बने बलोदा
विजडन के अनुसार, बलोदा के दूसरी पारी के 8/41 के आंकड़े यूथ टेस्ट में तीसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है।
भारत के आशीष विंस्टन जैदी पहले स्थान पर हैं, जिन्होंने 1989-90 सीजन में कानपुर में पाकिस्तान की अंडर-19 टीम के खिलाफ 57 रन देते हुए 9 विकेट लिए थे।
इस सूची में दूसरे स्थान पर एस विद्युत का नंबर आता है, जिन्होंने 2000-01 सीजन में इंग्लैंड की अंडर-19 टीम के खिलाफ घातक गेंदबाजी (8/38) की थी।
लेखा-जोखा
भारत ने 10 विकेट से जीता मैच
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 174 रन बनाए, जिसमें चार्ली हेंडरसन ने सर्वाधिक 37 रन बनाए।
इसके जवाब में भारत ने कप्तान यशवर्धन चौहान (52) और विकेटकीपर अभिप्राय बिस्वास (73) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 315 रन बनाए।
दूसरी पारी में बलोदा की अविश्वसनीय गेंदबाजी से कंगारू टीम अपनी दूसरी पारी में सभी विकेट खोकर 151 रन ही बना सकी।
आखिर में भारत ने 11 रन के लक्ष्य को हासिल करके मैच जीता।
बयान
अपनी योजना को लेकर क्या बोले तंमन्य बलोदा
हरियाणा के रोहतक में जन्में बलोदा का यह पहला इंडिया के अंडर-19 स्तर का पहला मैच था, जिसमें उन्होंने इतिहास रच दिया।
उन्होंने अपनी गेंदबाजी योजना के बारे में स्पोर्टस्टार से कहा, "मैंने स्टंप्स पर और टाइट लाइन पर लगातार गेंदबाजी करने और रन रोकने की योजना बनाई थी। हमारे कोच (येरे गौड) ने भी मुझसे कहा था कि मैं ज्यादा विविधता का प्रयास न करूं और धैर्य बनाए रखूं।"