मयंक यादव की रफ्तार पर गंभीर ने जताया भरोसा, बोले- तेज गति ही उनकी असली ताकत
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम को वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में 6 विकेट से हार मिली। रांची में खेले गए मैच में भारतीय गेंदबाज बेहद महंगे साबित हुए और 249 रन बनाने के बावजूद भारत को इस मैच में शिकस्त मिली। इस शर्मनाम हार के बावजूद भारतीय कोच गौतम गंभीर ने मयंक यादव की गेंदबाजी की तारीफ की है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है।
बयान
गंभीर ने की मयंक की गेंदबाजी की तारीफ
मयंक की गेंदबाजी पर कोच गंभीर ने कहा, "वह एक तेज गेंदबाज है, उसे तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर आप 150 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो इस गति से करें। अगर 120 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से करते हैं, तो 120 की गति से करें। तेज गेंदबाज की जिम्मेदारी होती है कि वह तेज गति से गेंद फेंके। उन्होंने ऐसा ही किया और उसे कामयाबी भी मिली।"
गेंदबाजी
जोरदार रही मयंक की गेंदबाजी
मयंक ने अपने शुरुआती स्पैल में सफलता दिलाई। मैच में उन्होंने अपने 3 ओवर में 36 रन देकर 3 विकेट लिए।
दाएं हाथ का यह गेंदबाज लगातार लगभग 145 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए नजर आए।
उन्होंने 149.5 किलोमीटर/घंटा की गेंद पर रोवमैन पॉवेल को बोल्ड किया।
उन्होंने वेस्टइंडीज की पारी के पहले ओवर में लगातार गेंदों पर कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर के विकेट चटकाए।
बयान
गंभीर ने किया मयंक की फील्डिंग का बचाव
अच्छी गेंदबाजी करने वाले मयंक ने फील्डिंग में शेरफेन रदरफोर्ड का आसान सा कैच छोड़ा, जो हार के प्रमुख कारणों में शामिल हुआ।
रदरफोर्ड को 38 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर जीवनदान मिला और आखिरकार वह 84 रन बनाकर आउट हुए।
भारतीय कोच गंभीर की फील्डिंग का बचाव किया। उन्होंने कहा, "यह क्रिकेट है। लोगों ने पहले भी कैच छोड़े हैं और आगे भी छोड़ेंगे। चाहे फील्डिंग हो या तेज गेंदबाजी, मयंक को अभी लंबा सफर तय करना है।
लेखा-जोखा
इस तरह से जीती वेस्टइंडीज की टीम
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 249 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
मेजबान टीम से संजू सैमसन ने महज 41 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने सिर्फ 18 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाए।
जवाब में वेस्टइंडीज ने शाई होप के शतक (102) और रदरफोर्ड के अर्धशतक (84) की बदौलत जीत दर्ज की।
यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा।