Loading...
डरबन टेस्ट: दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के आगे लड़खड़ाई ऑस्ट्रेलिया, ऐसा रहा पहले दिन का खेल 
पहले दिन दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का अच्छा प्रदर्शन रहा (फाइल तस्वीर)

डरबन टेस्ट: दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के आगे लड़खड़ाई ऑस्ट्रेलिया, ऐसा रहा पहले दिन का खेल 

Oct 09, 2026
08:13 pm

क्या है खबर?

दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के बीच टेस्ट सीरीज का आगाज हो गया है। पहला मुकाबला डरबन में खेला जा रहा है। मैच के पहले दिन दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 187/6 का था। पैट कमिंस (33*) और मैथ्यू रेनशॉ (46*) क्रीज पर मौजूद थे। ऐसे में आइए पहले दिन के खेल पर एक नजर डाल लेते हैं।

लेखा-जोखा 

मैच का लेखा-जोखा

मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। उनका ये फैसला गलत साबित हुआ।

कंगारू टीम का शीर्षक्रम पूरी तरह से फ्लॉप रहा।

दोनों सलामी बल्लेबाज 24 रन तक पवेलियन में थे। मार्नस लाबुशेन (37) और स्टीव स्मिथ (25) ने पारी संभाली, लेकिन वो बड़ी पारी नहीं खेल पाए।

आखिरी औवरों में कमिंस और रेनशॉ ने ऑस्ट्रेलिया को बचाया। खराब रोशनी के कारण 65.2 ओवर का ही खेल हो सका।

बल्लेबाजी

पहले दिन ऐसी रही ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी 

ऑस्ट्रेलिया के लिए लाबुशेन ने 58 गेंदों का सामना किया और 37 रन बनाए। उनके बल्ले से 6 चौके निकले।

वहीं, स्मिथ ने 53 गेंदों का सामना किया और 25 रन बनाकर आउट हुए। उनके बल्ले 2 छक्के निकेले।

रेनशॉ 115 गेंदों का सामना कर 46 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके बल्ले से 3 चौके निकले।

वहीं, कप्तान कमिंस ने रेनशॉ के साथ मिलकर पारी संभाली। उन्होंने 72 गेंदों में नाबाद 33 रन बनाए। उनके बल्ले से 5 चौके निकले।

ADVERTISEMENT

गेंदबाजी

ऐसी रही दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी 

3 साल बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे एनरिक नॉर्किया ने 13.2 ओवर गेंदबाजी की और 2 मेडन के साथ 40 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।

वहीं, मार्को यानसन ने 16 ओवर में 7 मेडन के साथ 35 रन देकर 2 विकेट चटकाए।

वियान मूल्डर ने भी अच्छी गेंदबाजी की और 15 ओवर में 6 मेडन के साथ 31 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।

केशव महाराज और शाइमन हार्मर को एक भी सफलता नहीं मिली।

ADVERTISEMENT

रिकॉर्ड

निक मैडिनसन के नाम आया ये अनचाहा रिकॉर्ड 

सलामी बल्लेबाज निक मैडिनसन की वापसी बेहद निराशाजनक रही। उन्होंने 33 गेंदों का सामना किया, लेकिन अपना खाता भी नहीं खोल सके।

मैडिनसन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में तीसरे ऐसे सलामी बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने बिना खाता खोले 33 या उससे ज्यादा गेंदों का सामना किया।

वहीं, 21वीं सदी में टेस्ट क्रिकेट में कोई भी सलामी बल्लेबाज शून्य पर आउट होने से पहले इतनी गेंदें नहीं खेल सका है।

ADVERTISEMENT