भारतीय टीम की खराब फील्डिंग पर भड़के दिनेश कार्तिक, बोले- सुधार की सख्त जरूरत
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने भारत की फील्डिंग में गिरावट पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि अगर भारतीय टीम को बड़े टूर्नामेंट जीतने हैं तो उसे अपनी फील्डिंग का स्तर सुधारना होगा। सफलताओं के बावजूद इस विभाग में गिरावट चिंता का विषय है। 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए भारत के पास अपनी कमियों को दूर करने के लिए सीमित समय बचा है। बड़े मुकाबलों में छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं।
बयान
कार्तिक ने क्या कहा?
कार्तिक ने क्रिकबज से कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि 249 रन का स्कोर काफी बड़ा था। अगर आपको लगने लगता है कि ऐसे लक्ष्य का बचाव करना मुश्किल होगा तो आपको खुद के प्रदर्शन पर गौर करने की जरूरत है। फील्डिंग कुछ समय से समस्या रही है। वनडे सीरीज और एशियाई खेलों में जीत के कारण इस पर ज्यादा ध्यान नहीं गया। उन सीरीज में भी भारत की फील्डिंग अच्छी नहीं थी। इसलिए यह समस्या लंबे समय से है।"
गुस्सा
नए फील्डिंग कोच को आलोचना का सामना करना होगा- कार्तिक
कार्तिक ने आगे कहा, "भारतीय टीम ने अपने पिछले फील्डिंग कोच को हटा दिया। मुझे यकीन है कि ऐसा तब किया गया होगा जब टीम को लगा कि वह खिलाड़ियों को अगले स्तर तक ले जाने में सक्षम नहीं हैं। अब नया कोच (शुभदीप घोष) नियुक्त हुआ है और मुझे लगता है कि उनके काम पर नजर रहेगी। उनकी जिम्मेदारी पहले से बेहतर सुधार लाने की है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा।"
भारतीय टीम
टी. दिलीप का अनुबंध आगे नहीं बढ़ा था
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अगस्त 2026 में टी. दिलीप का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था।
इसके बाद फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी शुभदीप को सौंपी गई। शुभदीप इंडिया-A और आंध्र की टीम के साथ काम कर चुके हैं।
उनसे उन खामियों को दूर करने की उम्मीद होगी, जिन्होंने बार-बार भारत के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। कार्तिक ने घोष के अनुभव को स्वीकार किया, लेकिन स्पष्ट किया कि इस जिम्मेदारी के साथ काफी दबाव भी आएगा।
तेज
तेज गेंदबाजों की फ्ली को लेकर कार्तिक ने कही ये बात
भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर ने आगे कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों के खड़े होने की सही जगह और कैच पकड़ने की क्षमता में सुधार की जरूरत पर जोर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें ऐसा तरीका निकालना चाहिए, जिससे तेज गेंदबाज मैदान पर सही जगह खड़े हों और अपने पास आने वाले कैच पकड़ना सुनिश्चित करें।"
भारतीय टीम दूसरा मुकाबला 249 रन बनाकर हार गई थी।