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भारत में टैबलेट शिपमेंट 3.8 प्रतिशत घटा, महंगे और बड़े स्क्रीन वाले मॉडल की बढ़ी मांग
टैबलेट शिपमेंट में आई गिरावट

भारत में टैबलेट शिपमेंट 3.8 प्रतिशत घटा, महंगे और बड़े स्क्रीन वाले मॉडल की बढ़ी मांग

Oct 06, 2026
07:11 pm

क्या है खबर?

भारत में 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान टैबलेट शिपमेंट में सालाना आधार पर 3.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के इंडिया टैबलेट ट्रैकर के अनुसार, इस दौरान ग्राहकों की पसंद महंगे और बड़े स्क्रीन वाले टैबलेट की तरफ बढ़ी है। 20,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले टैबलेट की बिक्री 27 प्रतिशत बढ़ी, जिससे इस वर्ग की बाजार हिस्सेदारी 74 प्रतिशत हो गई। इस बदलाव से औसत बिक्री कीमत भी बढ़ी।

वजह

टैबलेट शिपमेंट में क्यों आई गिरावट?

टैबलेट बाजार में गिरावट की बड़ी वजह मेमोरी की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है।

बढ़ी हुई लागत का असर कंपनियों ने उत्पादों की कीमतों में किया, जिससे सस्ते टैबलेट की मांग प्रभावित हुई। 20,000 रुपये से कम कीमत वाले टैबलेट की बिक्री दूसरी तिमाही में सालाना 43 प्रतिशत घट गई।

वहीं, कंपनियों ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में भी बदलाव किया और ज्यादा क्षमता वाले महंगे मॉडल पर अधिक ध्यान दिया।

मांग

बड़े और महंगे मॉडल की मांग बढ़ी

20,000 से 30,000 रुपये वाला सेगमेंट दूसरी तिमाही में बाजार का मजबूत हिस्सा बनकर उभरा और इसकी बिक्री सालाना 45 प्रतिशत बढ़ी है। वनप्लस और लेनोवो जैसे ब्रांडों को इसका फायदा मिला।

इसके अलावा, 12 इंच से बड़ी स्क्रीन वाले टैबलेट की मांग भी बढ़ी है। ग्राहक अब टैबलेट का इस्तेमाल मनोरंजन के साथ काम, पढ़ाई और दूसरी स्क्रीन के तौर पर कर रहे हैं।

इससे कंपनियों को बड़े डिस्प्ले वाले मॉडल पर ध्यान देने का मौका मिला।

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उत्पादन

भारत में बढ़ा स्थानीय उत्पादन

बिक्री घटने के बावजूद भारत में टैबलेट का स्थानीय उत्पादन दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़ा है।

सैमसंग और लेनोवो ने देश में अपना उत्पादन बढ़ाया है, जबकि वनप्लस और ओप्पो भी स्थानीय निर्माण क्षमता मजबूत कर रहे हैं। दूसरी तरफ, मेमोरी की बढ़ी कीमतों का असर आने वाले महीनों में भी बना रह सकता है।

कंपनियां त्योहारों के दौरान छूट और प्रचार के जरिए मांग बनाए रखने की कोशिश कर सकती हैं।

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