OpenAI ने 3 सुरक्षा शोधकर्ताओं को नौकरी से निकाला, सिग्नल चैट से गायब मिले थे मैसेज
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI ने अपने तीन सुरक्षा शोधकर्ताओं को नौकरी से निकाल दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, जैस्मीन वांग, टोमेक कोरबाक और मिकिता बालेसनी के फोन में सिग्नल ऐप पर डिसअपीयरिंग चैट मिली थीं। कंपनी को शक था कि तीनों का एक गोपनीय जानकारी लीक होने के मामले से संबंध हो सकता है। हालांकि, तीनों शोधकर्ताओं ने जानकारी लीक करने में शामिल होने से इनकार किया है।
चैट
निजी फोन की जांच के दौरान सामने आई चैट
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI पिछले महीने अपने AI मॉडल एस्ट्रा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने की जांच कर रही थी।
इसी सिलसिले में तीनों शोधकर्ताओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उनसे अपने निजी फोन खोलने को कहा गया, जिसके बाद सुरक्षा अधिकारियों को सिग्नल पर डिसअपीयरिंग चैट फीचर चालू मिली।
इस फीचर में मैसेज तय समय बाद अपने आप मिट जाते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत किससे हुई थी।
सवाल
शोधकर्ताओं ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
तीनों शोधकर्ताओं ने एक खुला पत्र जारी कर चिंता जताई कि इस तरह की कार्रवाई से दूसरे कर्मचारी भी अपनी बात रखने से डर सकते हैं।
टोमेक कोरबाक ने कहा कि उन्हें बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति से बातचीत करने के कारण भरोसा तोड़ने का दोषी बताया गया। वहीं, जैस्मीन वांग ने चिंता जताई कि कर्मचारी स्वतंत्र जांचकर्ताओं को सही जानकारी देने से हिचक सकते हैं।
तीनों ने गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों को खारिज किया है।
अन्य
OpenAI ने बताया कंपनी की नीतियों का उल्लंघन
OpenAI का कहना है कि तीनों शोधकर्ताओं को सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाने के कारण नहीं, बल्कि गोपनीय जानकारी संभालने के नियमों का उल्लंघन करने पर निकाला गया।
कंपनी ने अपनी जांच में गलत काम करने का एक पैटर्न मिलने की बात कही, लेकिन आरोपों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
उनका कहना है कि निगरानी कमजोर होने पर मॉडल के काम करने के तरीके को समझना मुश्किल हो सकता है।