डॉक्टरों से ज्यादा सटीक निकला माइक्रोसॉफ्ट का AI, बीमारी पहचानने में मिली बड़ी सफलता
क्या है खबर?
माइक्रोसॉफ्ट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। कंपनी के MAI-DxO सिस्टम ने मुश्किल बीमारियों की पहचान करने के परीक्षण में डॉक्टरों से बेहतर प्रदर्शन किया। साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, इस सिस्टम ने 83 फीसदी मामलों में सही बीमारी की पहचान कर ली, जबकि मेडिकल रेफरेंस टूल इस्तेमाल करने वाले डॉक्टरों की सटीकता 36 फीसदी रही।
काम
कैसे काम करता है माइक्रोसॉफ्ट का AI सिस्टम?
MAI-DxO एक सामान्य चैटबॉट की तरह काम नहीं करता, बल्कि डॉक्टरों की टीम की तरह मरीजों के मामलों का विश्लेषण करता है।
इसमें कई AI एजेंट मिलकर मरीज के लक्षणों से जुड़े सवाल पूछते हैं, जरूरी जांच सुझाते हैं और संभावित बीमारी पर निष्कर्ष निकालते हैं। इस सिस्टम को न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित मुश्किल मेडिकल मामलों पर परखा गया।
हालांकि, इस तुलना में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल नहीं थी, इसलिए नतीजों को समझना जरूरी है।
नतीजे
GPT-5 और GPT-5.5 से मिले बेहतर नतीजे
माइक्रोसॉफ्ट के परीक्षण में OpenAI के GPT-5 और GPT-5.5 मॉडल के साथ MAI-DxO ने बेहतर प्रदर्शन किया।
कंपनी के मुताबिक, GPT-5 की सटीकता 78.9 फीसदी थी और एक मुश्किल मामले पर करीब 8,400 डॉलर खर्च हुए। DxO सिस्टम जोड़ने से खर्च लगभग 3,000 डॉलर कम हुआ और सटीकता में सुधार आया।
वहीं, GPT-5.5 के साथ मुश्किल मामलों में सटीकता करीब 87 फीसदी तक पहुंच गई। इससे जांच की लागत घटाने की संभावना भी सामने आई है।
परीक्षण
अस्पतालों में परीक्षण की तैयारी कर रही कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट इस AI सिस्टम को असल मरीजों पर इस्तेमाल करने से पहले अस्पताल में जांच रहा है।
इसके लिए कंपनी बोस्टन के बेथ इजराइल डीकनेस मेडिकल सेंटर के साथ काम कर रही है। परीक्षण के दौरान मरीजों को सामान्य इलाज डॉक्टरों से मिलेगा, जबकि AI पर्दे के पीछे अपनी सलाह देगा। बाद में शोधकर्ता AI के सुझावों की तुलना डॉक्टरों के फैसलों से करेंगे।
कंपनी का लक्ष्य इस तकनीक को सुरक्षित तरीके से स्वास्थ्य सेवाओं में लाना है।