माइक्रोसॉफ्ट और जापान पुलिस की कार्रवाई, 1 अरब फर्जी मैसेज भेजने वाले नेटवर्क का खुलासा
क्या है खबर?
माइक्रोसॉफ्ट ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी के मुताबिक, उसने स्कैमर्स के एक नेटवर्क से जुड़े 20,000 से ज्यादा अकाउंट बंद कर दिए हैं। इस नेटवर्क का इस्तेमाल दुनियाभर में फर्जी मैसेज भेजने और लोगों की निजी जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा था। जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के साथ मिलकर की गई जांच में माइक्रोसॉफ्ट ने इस धोखाधड़ी के पीछे काम करने वाले कई प्लेटफॉर्म का पता लगाया।
मैसेज
3 प्लेटफॉर्म से भेजे जा रहे थे फर्जी मैसेज
माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यम स्टोर नाम का बाजार और CoGUI तथा आयरन मैन नाम के 2 टूल फर्जी मैसेज भेजने में इस्तेमाल हो रहे थे।
जनवरी, 2026 से इनकी मदद से 75,000 से ज्यादा संस्थानों को निशाना बनाते हुए 1 अरब से अधिक संदिग्ध मैसेज भेजे गए। इनमें माइक्रोसॉफ्ट के ग्राहकों को भेजे गए 75 करोड़ से ज्यादा मैसेज शामिल थे।
इनका इस्तेमाल 150 से अधिक देशों में लोगों को निशाना बनाने के लिए किया गया।
इस्तेमाल
चोरी किए गए अकाउंट और नकली वेबसाइटों का इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि यम स्टोर पर चोरी किए गए या धोखाधड़ी से हासिल किए गए माइक्रोसॉफ्ट और गूगल अकाउंट खरीदे जा सकते थे।
इसके बाद इनका इस्तेमाल फर्जी संदेश भेजने के लिए किया जाता था। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, इस नेटवर्क ने कुछ संगठनों के पुराने वेब डोमेन पर भी कब्जा किया और फर्जी संस्थानों की वेबसाइटें बनाईं।
इन तरीकों से हासिल किए गए अकाउंट बाद में दोबारा बेचे जाते थे, जिससे धोखाधड़ी करने वालों को कमाई होती थी।
वेबसाइट
1 लाख से ज्यादा वेबसाइट भी किए गए ब्लॉक
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि उसने धोखाधड़ी और दूसरे संगठनों की नकल करने के लिए इस्तेमाल हो रहे 1 लाख से ज्यादा वेब डोमेन ब्लॉक कर दिए हैं।
आयरन मैन प्लेटफॉर्म पर 2,300 से अधिक तैयार नमूने मिले, जिनसे बैंक और पुलिस विभाग जैसी संस्थाओं की नकल की जा सकती थी।
स्वास्थ्य क्षेत्र की साइबर सुरक्षा संस्था हेल्थ-ISAC के साथ मिलकर कंपनी ने इन प्लेटफॉर्म को चलाने वाले वेब डोमेन भी अपने नियंत्रण में लेकर उनका इस्तेमाल रोकने के कदम उठाए।