महिला AI एजेंट को पुरुष AI एजेंट से मिले कम पैसे, अध्ययन में हुआ खुलासा
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट के साथ लोगों का व्यवहार उसके रूप के आधार पर बदल सकता है। अध्ययन में सामने आया है कि महिला जैसी दिखने वाली AI एजेंट को पुरुष जैसे दिखने वाली AI एजेंट के मुकाबले 10.25 फीसदी कम पैसे मिले। खास बात यह है कि दोनों एक ही तकनीक से काम कर रहे थे और उनकी क्षमता समान थी। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक, यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख और SKEMA बिजनेस स्कूल के शोधकर्ताओं ने किया है।
प्रयोग
189 लोगों के साथ हुआ प्रयोग
इस नतीजे तक पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने 189 लोगों के साथ प्रयोग किया।
उन्हें एक वर्चुअल ऑफिस में अलग-अलग AI असिस्टेंट के साथ काम करने को कहा गया। इसमें टेक्स्ट चैटबॉट, डेस्क रोबोट और इंसानों जैसे AI एजेंट शामिल थे। इनमें पुरुष रूप वाले जोहान और महिला रूप वाली जोहाना थीं।
काम पूरा होने के बाद लोगों को असली पैसे दिए गए और उनसे AI के योगदान के हिसाब से रकम बांटने को कहा।
पैसा
पुरुष AI को मिले ज्यादा पैसे
पैसे बांटने के दौरान पुरुष रूप वाले जोहान को महिला रूप वाली जोहाना से 10.25 फीसदी ज्यादा रकम मिली।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, दोनों AI की तकनीक और क्षमता एक जैसी थी। इसलिए दोनों को मिले पैसों का अंतर उनकी तकनीकी क्षमता की वजह से नहीं था। लोगों ने पुरुष रूप वाले AI को ज्यादा इंसानों जैसा माना।
इससे संकेत मिला कि AI का चेहरा, नाम और लिंग लोगों के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
अन्य
लोगों ने कहा कुछ, किया कुछ और
अध्ययन में लोगों ने कहा था कि AI के पुरुष या महिला रूप में होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन उनके फैसले अलग रहे।
इंसानों जैसे AI पर लोगों ने डेस्क रोबोट से ज्यादा भरोसा किया और उसके काम को ज्यादा महत्व दिया।
शोधकर्ताओं का कहना है कि AI को नाम, चेहरा, आवाज या जेंडर देना सिर्फ डिजाइन का फैसला नहीं है। इन चीजों का असर भरोसे और काम के मूल्यांकन पर पड़ सकता है।