यूट्यूब म्यूजिक पर AI से बने गानों की होगी पहचान, कंपनी ने शुरू किए नए लेबल
क्या है खबर?
यूट्यूब ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए गानों की पहचान बताने के लिए यूट्यूब म्यूजिक पर नए लेबल जारी करने शुरू कर दिए हैं। कंपनी आने वाले समय में इन्हें अपने मुख्य वीडियो प्लेटफॉर्म पर भी लागू करेगी। इस सुविधा से श्रोताओं को पता चल सकेगा कि कोई गाना बनाने में AI का इस्तेमाल हुआ है या नहीं। म्यूजिक इंडस्ट्री में AI से तैयार गानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
तरीका
गानों की पहचान के लिए अपनाएगा खास तरीका
यूट्यूब का कहना है कि लोग AI से बने संगीत के बारे में साफ जानकारी चाहते हैं।
कंपनी मानती है कि AI कलाकारों को संगीत तैयार करने और नए प्रयोग करने में मदद करता है। इसके बावजूद श्रोताओं को यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि किसी गाने को बनाने में इन तकनीकों का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
14 अक्टूबर से शुरू हुए लेबल कंपनी की तकनीक और म्यूजिक साझेदारों से मिली जानकारी के आधार पर लगाए जाएंगे।
कदम
दूसरी म्यूजिक कंपनियां भी उठा रहीं कदम
AI से बने म्यूजिक को अलग पहचान देने के लिए दूसरी कंपनियां भी तैयारी कर रही हैं।
ऐपल म्यूजिक ने अगस्त में बताया था कि वह 2026 के आखिर तक गानों पर 'मेड बाय AI' लेबल लाने की योजना बना रहा है। स्पॉटीफाई AI से जुड़े कलाकारों की प्रोफाइल पहचानने के लिए 'AI पर्सन्स' लेबल पर काम कर रहा है।
वहीं, टिडल ने AI से तैयार गानों की पहचान करने और उन्हें रॉयल्टी से बाहर रखने का वादा किया है।
मांग
संगीत संगठनों ने भी की लेबल लगाने की मांग
संगीत जगत के कई बड़े संगठन चाहते हैं कि AI से तैयार गानों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए।
इनमें रिकॉर्डिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ अमेरिका, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द फोनोग्राफिक इंडस्ट्री, ग्रैमी और SAG-AFTRA शामिल हैं। इन संगठनों ने 'AI-जनरेटेड' और 'AI-असिस्टेड' जैसे लेबल अपनाने का सुझाव दिया है।
यूट्यूब की नई पहल से श्रोताओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि संगीत तैयार करने में AI की कितनी भूमिका रही है।