एल मुरुगन ने दिया मंत्री पद से इस्तीफा, दिवाली से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना
क्या है खबर?
केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और राज्यसभा पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह अपना पूरा समय तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने और पार्टी को 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए तैयार करने में लगाना चाहते हैं। सूचना प्रसारण मंत्रालय के साथ संसदीय कार्य मंत्रालयों का प्रभार संभाल रहे मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में जिम्मेदारियों से मुक्त करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
इस्तीफा
मुरुगन ने लिखा- जमीन पर काम करना चाहता हूं
मुरुगन ने एक्स पर अपना इस्तीफा साझा कर लिखा, 'दिहाड़ी मजदूरों के बेटे के तौर पर शुरुआत करके मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य रहा है। अब, मैं जमीनी स्तर पर वापस लौटकर कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहता हूं और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहता हूं। राष्ट्र सर्वोपरि। पार्टी उसके बाद। स्वयं सबसे अंत में।'
उम्मीद
मुरुगन ने तमिलनाडु में भाजपा का विस्तार होने की जताई उम्मीद
मुरुगन इससे पहले 2017 से 2020 तक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।
12 मार्च, 2020 को भाजपा की तमिलनाडु इकाई का प्रमुख नियुक्त होने से पहले वे कुछ समय के लिए केरलम के प्रभारी भी रह चुके थे।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि जमीनी स्तर पर काम करने से तमिलनाडु में भाजपा की उपस्थिति का विस्तार हो सकेगा।
मुरुगन का इस्तीफा केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच आया है।
मंत्रिमंडल
दिवाली से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना
न्यूज18 ने दावा किया कि केंद्र सरकार दिवाली से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो तीसरे कार्यकाल का यह पहला फेरबदल होगा, जो सरकार के ढाई साल पूरे होने पर होगा।
मुरुगन से पहले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन ने अपना इस्तीफा दे दिया था।
हाल में हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को राज्यसभा के लिए दोबारा मनोनित नहीं किया गया, ऐसे में उनका भी मंत्रिमंडल से जाना तय है।