विपक्ष के 'सत्ता परिवर्तन अभियान' पर भड़के मोहन भागवत, बोले- बाहरी ताकतें देश कमजोर कर रहीं
क्या है खबर?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को विजयदशमी उत्सव के दौरान विपक्षी दलों के कथित 'सत्ता परिवर्तन अभियान' को निशाने पर लिया। नागपुर के रेशमबाग मैदान में उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक ताकतों के निशाने पर है, जो शासन बदलने से देश को कमजोर करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने से जरूरी नहीं कि देश की समस्याएं हल हो जाएं, विरोध-प्रदर्शनों का उद्देश्य समाज में फूट डालने के बजाय समाधान खोजने पर होना चाहिए।
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क्या बोले भागवत?
उन्होंने कहा, "फ्रांस या अल्बानिया या नेपाल या बांग्लादेश में जो हुआ, उसे देखिए। वे कहते हैं कि सरकार बदलने से हालात बदल जाएंगे। लेकिन ऐसा कहीं नहीं हुआ। यह तूफान पश्चिम से उठा है, जो हर तरह के सिस्टम के खिलाफ है।"
उन्होंने कहा कि भारत में भी ऐसी ही कोशिशें हो रही हैं, लेकिन देश ने हाल के दशकों में तरक्की की है, भारत एक अच्छी नीति और अच्छे नेतृत्व के साथ आगे बढ़ा है।
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आंदोलन का मकसद समाधान हो- भागवत
भागवत ने आगे कहा, "समस्याएं बनी रहती हैं, और आंदोलन होते हैं। लेकिन आंदोलनों का मकसद समाधान होना चाहिए। इससे समाज में गलत भावना नहीं फैलनी चाहिए। हमें सस्ती पब्लिसिटी को अपनी समझ और विवेक पर हावी नहीं होने देना चाहिए। आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे समाज का आगे बढ़ना ही समाधान देता है।"
उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों को ऐसे लोगों और नेताओं का समर्थन मिलता है जो भारत की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं।
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भारत अभी पूरी तरह विकसित नहीं
भागवत ने कहा, "भारत, हिंदू और संघ को कैसे भी खत्म किया जा सकता है, यही वह है जिसके बारे में शैतानी ताकतें सोचती हैं, योजना बनाती हैं और उस पर काम करती हैं। कुछ लोग, अपने स्वभाव के अनुसार, इस कोशिश में मदद करने के लिए शामिल हो जाते हैं। भारत में भी ऐसी कोशिशें चल रही हैं।"
उन्होंने कहा विकसित देशों में समस्याएं बनी रहेंगी क्योंकि भारत अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है।
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OTT सामग्री पर चिंता जताई
भागवत ने इस मौके पर सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री पर भी अपनी चिंता दोहराई।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी की जानकारी तक बिना किसी रोक-टोक के पहुंच का बुरा असर पड़ सकता है, खासकर युवा पीढ़ी पर।
भागवत ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उसे निश्चित रूप से OTT प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण की जरूरत पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने युवा पीढ़ी में नशीली दवाओं के इस्तेमाल के खिलाफ भी चेतावनी दी।