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मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के बयान पर कसा तीखा तंज, जानिए क्या है पूरा मामला
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के बयान पर कसा तीखा तंज

मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के बयान पर कसा तीखा तंज, जानिए क्या है पूरा मामला

Oct 16, 2026
01:09 pm

क्या है खबर?

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में आयोजित एक अनौपचारिक चाय बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के बीच दिलचस्प और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राहुल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें कायर और लालची करार दिया, जिस पर खड़गे ने तुरंत तंज कसते हुए उन्हें याद दिलाया कि वे सभी कभी राहुल के ही करीबी मित्र हुआ करते थे।

बयान

राहुल ने क्या दिया बयान?

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और सेवा दल के कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में राहुल ने पार्टी के वफादार नेताओं की जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा, "मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि हमारी पार्टी के कार्यकर्ता 'बब्बर शेर' हैं, जो लोग आज भी कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े हैं। वे किसी भी राजनीतिक दबाव की राजनीति के आगे झुके बिना भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ लगातार लड़ रहे हैं।"

निशाना

राहुल ने दलबदलुओं पर साधा निशाना, खड़गे ने कसा तंज

राहुल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद का नाम लेते हुए निशाना साधा।

उन्होंने कहा, "कुछ लोग दबाव में या अपने निजी स्वार्थ के चक्कर में पार्टी छोड़ गए, वे कायर और लालची थे।"

इस पर पास बैठे खड़गे ने बेहद चुटीले अंदाज में कहा, "लेकिन राहुल जी, जो लोग पार्टी छोड़कर गए, वे आखिरकार आपके ही तो दोस्त थे।"

इस पर राहुल ने कहा, "हां, मुझसे उन्हें पहचानने में बड़ी भूल हुई थी।"

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सबक

दादी इंदिरा गांधी से मिला राजनीतिक सबक- राहुल

इस नोकझोंक के बाद राहुल ने बताया कि राजनीतिक मित्रता का आकलन करना कितना कठिन हो सकता है। इसके लिए उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से सीखे एक पुराने सबक का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति मित्र प्रतीत होता है, वह हमेशा मित्र नहीं होता। इसी तरह जो व्यक्ति बाहर से आपका घोर विरोधी या दुश्मन नजर आ रहा है, जरूरी नहीं कि वह हमेशा आपका दुश्मन ही रहे।"

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संदेश

युवा कार्यकर्ताओं को संघर्ष जारी रखने का संदेश

यह अनौपचारिक बैठक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ दिल्ली में चल रहे हालिया विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हुई थी, जिसमें कांग्रेस के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

राहुल ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि राजनीतिक संघर्ष और जेल-प्रदर्शन उनके प्रशिक्षण का ही एक अहम हिस्सा हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुकदमों या पुलिसिया कार्रवाई से डरे बिना विरोध प्रदर्शन के नए और रचनात्मक तरीके खोजने का आह्वान किया।

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