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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 3 महीने में उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया
उत्तर प्रदेश में 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुए थे पंचायत चुनाव

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 3 महीने में उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया

लेखन गजेंद्र
Oct 14, 2026
06:03 pm

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को 3 महीने में पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को प्रशासक के तौर पर काम करते रहने का निर्देश दिया है। बता दें कि कोर्ट ने करीब 3 घंटे तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है। उसने फैसला पहले ही सुरक्षित रख लिया था।

आदेश

क्या है मामला?

उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद मौजूदा प्रधानों को ही 6 महीने तक प्रशासक की जिम्मेदारी दे दी थी। हालांकि, सरकार ने प्रधान के अधिकार सीमित कर दिए थे।

प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन और दशरथ समेत 11 से अधिक लोगों ने चुनावों में हो रही देरी और मौजूदा प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ याचिकाएं दायर की थी।

याचिका पर राज्य चुनाव आयोग से हलफनामा मांगा गया था।

चुनौती

3 महीने में चुनाव कराना चुनौती

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 57,695 ग्राम पंचायत और 826 क्षेत्र पंचायत हैं। यहां 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 4 चरणों में चुनाव हुए थे, जिसके बाद अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं।

राज्य सरकार और चुनाव आयोग के लिए 3 महीने के अंदर चुनाव कराना चुनौती होगा।

सरकार कई कारण बताते हुए फैसले को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट जा सकती है या हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है।

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