यूथ कांग्रेस ने वोट चोरी के खिलाफ 12 अक्टूबर को किया 'चलो दिल्ली' का आह्वान
क्या है खबर?
देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनर्निरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में बड़े पैमाने पर 'चलो दिल्ली' आंदोलन का आह्वान किया है। चुनाव आयोग के खिलाफ देश के युवाओं को लामबंद करने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया गया है।
आह्वान
यूथ कांग्रेस का आधिकारिक नारा और आह्वान
यूथ कांग्रेस ने एक्स पर अभियानों की झड़ी लगाते हुए लोगों से कहा, 'अब नहीं तो कभी नहीं! हमारे संविधान के लिए, हमारे लोकतंत्र के लिए और एक-दूसरे के लिए। शांतिपूर्ण ढंग से अपने मताधिकार, स्वतंत्रता और संवैधानिक सुरक्षा के लिए खड़े हो जाओ। यह देश यहां की जनता का है, किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। भाजपा एक समझौतावादी चुनाव आयोग की मदद से चुनावों में धांधली कर रही है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।'
पृष्ठभूमि
क्या है इस आह्वान की पृष्ठभूमि?
यह महा-आंदोलन पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में जारी भारी सियासी घमासान का अगला चरण है।
8 अक्टूबर को पुलिस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर जाते समय राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और करीब 90 विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
9 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल की अगुवाई में INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की थी।
प्रभाव
दिल्ली कूच का आर्थिक और प्रशासनिक प्रभाव
इस आंदोलन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां हाई-अलर्ट पर हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनों के चलते जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
त्योहारी सीजन की शुरुआत में हो रहे इन प्रदर्शनों, इंटरनेट पाबंदियों और दिल्ली मेट्रो के दर्जनों स्टेशनों के बंद होने के कारण व्यापारियों को पहले ही 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। इसके और बढ़ने की संभावना है।