उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाला और तंबाकू युक्त खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध
क्या है खबर?
उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने मंगलवार को गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन युक्त अन्य खाद्य उत्पादों पर सख्ती की है। उसने ऐसे सभी खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जनस्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया। प्रतिबंध पूरे राज्य में लागू होगा, जो आदेश जारी होने की तारीख से एक साल तक प्रभावी रहेगा।
आदेश
पहले भी लगाया जा चुका है प्रतिबंध
सरकार की ओर से यह निर्देश खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर प्रतिबंध और सीमाएं) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 का उल्लेख किया गया है, जो खाद्य उत्पादों में तंबाकू और निकोटीन के उपयोग को प्रतिबंधित करता है।
यह खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत जारी किया गया है।
बता दें कि उत्तराखंड ने पहली बार तंबाकू पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि 2013, 2015 और 2019 में भी प्रतिबंध लग चुका है।
ट्विटर पोस्ट
उत्तराखंड सरकार का आदेश
Uttarakhand bans tobacco and nicotine gutkha and pan masala for one year
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) October 13, 2026
The Food Safety and Drug Administration has banned the manufacture, storage, distribution and sale of gutkha, pan masala and other food products containing tobacco or nicotine across Uttarakhand for one… pic.twitter.com/saOrMhIrQL
प्रतिबंध
इस साल कई राज्यों ने लगाया प्रतिबंध
इस साल उत्तराखंड के अलावा कई राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्यों में तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है।
गुजरात ने 13 सितंबर, 2026 से 12 सितंबर, 2027 तक मौजूदा प्रतिबंध का विस्तार किया गया है। कर्नाटक में अगस्त 2026 से एक साल के लिए रोक लगी है।
महाराष्ट्र में 13 जुलाई, 2026 से एक साल के लिए प्रतिबंध लगा है। तमिलनाडु में भी मई में एक साल के लिए और ओडिशा में 21 जनवरी से प्रतिबंध लगाया गया है।