जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन: गुजरात में कई कार्यकर्ता नजरबंद, अहमदाबाद-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी रद्द
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बड़े प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने देशव्यापी धरपकड़ शुरू कर दी है। गुजरात पुलिस ने राज्य के कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और वकीलों को उनके घरों या पुलिस थानों में नजरबंद कर दिया है। इसी तरह रेलवे ने अहमदाबाद-दिल्ली स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस को भी रद्द कर दिया है।
बयान
कार्यकर्ताओं ने क्या दिए बयान?
गुजरात पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपने 54 साथियों के साथ रोके गए अहमदाबाद के सामाजिक कार्यकर्ता अश्विन वाघेला ने कहा, "पुलिस ने हमसे लिखित में गारंटी पत्र मांगा कि हम दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने नहीं जाएंगे, तभी वे हमें घर जाने देंगे, लेकिन मैंने उनसे साफ कह दिया कि हम हर हाल में दिल्ली के प्रदर्शन में जाएंगे ही। हमें रात 2 बजे तक थाने में रखा गया और उसके बाद घर में नजरबंद कर दिया।"
अन्य
अन्य कार्यकर्ताओं ने क्या कहा?
उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता स्नेह भावसार को पुलिस ने उनके कार्यालय से हिरासत में लिया है।
उन्होंने कहा, "सुबह लगभग 7:40 बजे 5 पुलिसकर्मी मेरे घर आए और बिना कोई कारण बताए मुझे गुजरात यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन ले गए। शाम 4:15 बजे मुझसे लिखित लिया गया कि मैं दिल्ली विरोध प्रदर्शन में नहीं जाऊंगा।"
देव देसाई ने कहा, "क्राइम ब्रांच के अधिकारी सुबह 8:30 बजे मेरे घर आए और मुझे दिल्ली न जाने के लिए धमकाया।"
नजरबंद
SFI की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हाई कोर्ट वकील सतीशा लेउवा भी नजरबंद
इस पूरी कार्रवाई पर सबसे ज्यादा विवाद साबरकांठा जिले के वडवासा गांव की सरपंच, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हाई कोर्ट की वकील सतीशा लेउवा की नजरबंदी को लेकर हुआ।
सतीशा को साबरकांठा में उनके रिश्तेदार के घर पर ही रातभर पुलिस की निगरानी में रखा गया।
इसके खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (GHCAA) ने एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई है और पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।
जानकारी
GHCAA ने कार्रवाई को बताया संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
GHCAA ने पुलिस की कार्रवाई को अनुच्छेद 14, 19 और 21 (संवैधानिक अधिकारों) का उल्लंघन बताते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और साबरकांठा के पुलिस अधीक्षक (SP) से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है और वकीलों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून की मांग की है।
रेलवे
रेलवे रद्द की राजधानी एक्सप्रेस
पश्चिम रेलवे ने अंतिम समय पर 9 अक्टूबर की शाम को चलने वाली स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया, जो 10 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पहुंचने वाली थी।
रेलवे ने इसके पीछे केवल परिचालन संबंधी कारण होने का हवाला दिया है। CJP के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अहमदाबाद के एमजे पुरस्कालय के बाहर भी एक एकजुटता प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसे पुलिस की अनुमति नहीं मिली है।
इससे वहां भी विवाद की संभावना है।