OIC की बैठक में भारत विरोधी टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय नाराज, कहा- पाकिस्तान का कट्टरपंथी एजेंडा
क्या है खबर?
इराक की राजधानी बगदाद में आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत विरोधी टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जताई है। मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में बैठक के प्रस्तावों में भारत विरोधी टिप्पणियों को स्पष्ट रूप से खारिज किया और कहा कि ये टिप्पणियां दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और झूठी हैं, इन्हें पाकिस्तान द्वारा रचा गया है। मंत्रालय ने दुख जताया कि OIC ने पाकिस्तान को अपने कट्टरपंथी एजेंडे के दुरुपयोग की अनुमति दी।
बयान
OIC को भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का कोई अधिकार नहीं- मंत्रालय
मंत्रालय ने बयान में कहा, "हमने पहले भी कहा है, OIC को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार इस वास्तविकता को कभी नहीं बदल सकता।"
मंत्रालय ने कहा कि अनुच्छेद-370 हटाने के बाद से पिछले कुछ वर्षों में, जम्मू-कश्मीर ने महत्वपूर्ण आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन और संपर्क से लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया है।
प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर से संबंधित केवल 2 मुद्दे लंबित- मंत्रालय
मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति के बिल्कुल विपरीत पाकिस्तान ने नागरिक प्रदर्शनकारियों पर हिंसा, दमन और क्रूरता की है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की हत्या कर दी गई है।
मीडिया पर किसी भी तरह की रोक इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपा नहीं पाई है।
मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित केवल 2 ही मुद्दे हैं, जो लंबित हैं, एक पाकिस्तान द्वारा अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करना और सीमापार आतंकवाद खत्म करना।
विरोध
OIC में इस्लामोफोबिया से संबंधित संकेत
मंत्रालय ने कहा कि OIC प्रस्तावों में भारत के खिलाफ मनगढ़ंत, शत्रुतापूर्ण संदर्भ और इस्लामोफोबिया से संबंधित संकेत पाकिस्तान द्वारा अल्पसंख्यक उत्पीड़न और सांप्रदायिक हिंसा के अपने भयावह रिकॉर्ड से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटाने का एक हताश प्रयास है।
मंत्रालय ने कहा कि OIC द्वारा पाकिस्तान द्वारा फैलाई गई दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार और कथनों का बार-बार समर्थन करना इसकी विश्वसनीयता और निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है, आशा है कि इसके सदस्य बेहतर कार्य करेंगे और इस संगठन में सुधार लाएंगे।