टाइगर श्रॉफ पर हमला: आरोपियों ने किस तरह बनाई थी हमले की योजना? हुआ बड़ा खुलासा
क्या है खबर?
मुंबई के जुहू में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आने लगी है। मुंबई पुलिस ने खुलासा किया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी हमले को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक टाइगर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। पुलिस ने अभिनेता के घर और फुटबॉल ग्राउंड के बाहर लगे CCTV फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी आसपास घूमते देखे गए हैं।
हमला
11 अक्टूबर को फुटबॉल ग्राउंड के बाहर दिखे थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि जुहू में फुटबॉल ग्राउंड के बाहर टाइगर पर गोली चलाने वाले तीनों आरोपी हमले से एक हफ्ते पहले 11 अक्टूबर को उसी जगह पर दिखे थे। कॉल रिकॉर्ड से ये पुष्टि हुई।
जांच में पता चला कि आरोपी उसी दिन टाइगर को मारने आए थे, लेकिन संयोग से वह उस दिन ग्राउंड नहीं गए।
जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि शूटर टाइगर और उनके ड्राइवर को मारना चाहते थे।
जांच
कैसे बनाई हमले की योजना?
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी 2 हफ्ते से अधिक समय से मुंबई में थे। सोशल मीडिया पर पैपराजी और ब्लॉगर्स के अपलोड वीडियो और तस्वीरों से आरोपियों ने टाइगर की हरकतों को ट्रैक किया था।
अधिकारियों ने 18 अक्टूबर के CCTV फुटेज में देखा कि करीब 4:30 बजे हमलावर पार्क पहुंचे और अंदर देखा कि टाइगर घर में है या नहीं।
आखिरकार शाम करीब 7 बजे टाइगर बाहर निकले, तभी उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
योजना
कोई रविवार नहीं छोड़ते थे टाइगर
टाइगर के दोस्त ने मीडिया को बताया कि टाइगर को फुटबॉल खेलना बहुत पसंद है और वह हर रविवार शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच पुष्पा नरसी ग्राउंड आते हैं।
उन्होंने बताया कि वह शायद ही कोई रविवार मिस करते थे। पुलिस को शक है कि आरोपियों को टाइगर की इस गतिविधि के बारे में पता था।
आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले खुद को टाइगर के प्रशंसक के तौर पर दिखाया था।
जांच
टाइगर को हमलावरों ने पाया आसान लक्ष्य
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने टाइगर पर हमले से पहले किसी दूसरे अभिनेता पर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन शहर पहुंचने के बाद उन्होंने प्लान छोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि जब हमलावरों को इंस्टाग्राम पेज से पता चला कि टाइगर हर रविवार को जुहू के एक फुटबॉल ग्राउंड जाते हैं और उनके पास काफी सुरक्षा कम है, तो उन्होंने अपना ध्यान टाइगर पर लगाया।
उन्होंने टाइगर को इसलिए चुना, क्योंकि वो आसान लक्ष्य थे।
जांच
विदेश में नौकरी का वादा
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों में एक आरोपी मुंबई में रैपिडो में काम करता था। उनको टाइगर की सुपारी दी गई थी, जिसके लिए विदेश में नौकरी का वादा शामिल था।
उनको मिशन को सफल करने के लिए एडवांस में 50,000 रुपये दिए गए थे और वादा किया गया था कि टाइगर को मारने पर और पैसे दिए जाएंगे।
आरोपियों से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक हैंडलर ने संपर्क किया था और लगातार उनसे बात कर रहा था।
आरोपी
कौन हैं तीनों आरोपी?
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बिहार के बेगुसराय के 22 वर्षीय रितिक उर्फ रोशन, हरियाणा के सोनीपत के 18 वर्षीय रेहान उर्फ सुक्का और राजस्थान के कोटा निवासी 18 वर्षीय फूल सिंह हैं।
तीनों आरोपियों में कोई भी नाबालिग नहीं है और हमले से पहले टाइगर को कभी भी धमकी भरे कॉल नहीं आए थे।
तीनों वारदात को अंजाम देने के बाद पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से फरार हो गए थे। उन्हें 24 घंटे में कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया।