CJP के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च को लेकर छावनी बनी दिल्ली, जानिए कैसे हैं सुरक्षा इंतजाम
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुक्रवार शाम 5 बजे आयोजित होने वाले 'लहरा दो तिरंगा' मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 32,000 से अधिक जवानों को अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि, प्रशासन ने इस विशाल मार्च को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है और केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही किसी उपयुक्त स्थान पर मार्च करने की अनुमति दी जा सकती है।
सुरक्षा
कैसी है सुरक्षा की तैयारी?
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह सुरक्षा तैनाती 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के बाद से अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है।
पुलिस के 6,000 से अधिक जवान कनॉट प्लेस और सेंट्रल दिल्ली में तैनात किए गए हैं।
इसी तरह CAPF की लगभग 220 कंपनियों के 26,000 जवानों को विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया है।
प्रत्येक शिफ्ट में लगभग 3,600 जवानों की तैनाती होगी और भीड़ बढ़ने पर इसे बढ़ाकर 7,200 किया जा सकता है।
जानकारी
तकनीकी निगरानी सुरक्षा पर दी गया है विशेष ध्यान
HT के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने सेंट्रल पार्क और राजीव चौक के आसपास 10 से अधिक नए CCTV कैमरे सबूत सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए हैं। पुलिस प्रशासन 30,000-50,000 की भीड़ की आशंका को देखते हुए तैयारी कर रहा है।
प्रतिबंध
कनॉट प्लेस और उसके आसपास के इलाकों में लागू की धारा 163
पुलिस जनसंपर्क अधिकारी (PRO) नेहा यादव ने बताया कि कनॉट प्लेस और उसके आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है, जिससे बड़े जमावड़े पर पूरी तरह रोक है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने समर्थकों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के आदेश पर 16-17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
आवश्यकता
कनॉट प्लेस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कनॉट प्लेस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि यह 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था और शुक्रवार को भारी भीड़भाड़ वाला एक व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है।
अधिकारी ने कहा कि इसकी कई पहुंच सड़कों और गलियों के कारण सार्वजनिक आवागमन को बाधित किए बिना क्षेत्र को सुरक्षित करना मुश्किल होगा। पुलिस तैनाती को मजबूत करने के लिए अन्य जिलों से भी कर्मियों को बुला रही है।
डर
व्यापारियों ने पुलिस की सुरक्षा की मांग
PRO यादव ने बताया कि कनॉट प्लेस और उसके आसपास के व्यापार एवं बाजार संघों ने अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए लिखित अनुरोध प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की मांग की है।
उन्होंने आगे कहा कि संघों ने चिंता जताई है कि इस तरह के जमावड़े व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं। इससे त्योहारी सीजन में उनका पूरा व्यापार प्रभावित होने से रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने का खतरा है।
कारण
मार्च का कारण और राजनीतिक टकराव
यह विरोध प्रदर्शन CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद और उग्र हो गया है। उन्हें बुधवार को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी अजिंक्य शिंदे और 11 अन्य को रिहा कर दिया गया है।
CJP के संयोजक अभिजीत दिपके के इस आंदोलन को AAP और विभिन्न छात्र संगठनों का भी समर्थन मिला है। ऐसे में इस मार्च में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना है।
अपील
पुलिस ने लोगों से की खास अपील
दिल्ली पुलिस ने आम जनता और समर्थकों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे गैर-कानूनी जमावड़े का हिस्सा न बनें जो शांति व्यवस्था को भंग करता हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में कनॉट प्लेस, पटेल चौक, ITO और संसद मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, हालांकि अभी तक रास्ते बंद नहीं किए गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।